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आरजेडी में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज, तेजस्वी यादव की ताजपोशी की तैयारी; रोहिणी आचार्य ने फिर बोला तीखा हमलाSpeculation about a leadership change in the RJD intensifies, with preparations underway for Tejashwi Yadav's coronation; Rohini Acharya launches another scathing attack.

 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अब बड़े बदलाव की राह पर है। 16-17 जनवरी को पटना में हुई दो दिवसीय समीक्षा बैठक में पार्टी ने हार के कारणों पर मंथन किया और भविष्य की रणनीति तैयार की। लालू प्रसाद यादव के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए अब कमान पूरी तरह तेजस्वी यादव के हाथों में सौंपने की तैयारी है, हालांकि परिवार के भीतर मचे घमासान ने पार्टी की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।


तेजस्वी यादव बन सकते है RJD के वर्किंग प्रेसिडेंट

पार्टी सूत्रों के अनुसार, 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। लालू प्रसाद यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि तेजस्वी ही पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। हार के बावजूद पार्टी नेताओं ने तेजस्वी के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी के रणनीति में भी बदलाव को लेकर बात हुई है। अब पार्टी केवल नीतीश सरकार की आलोचना करने के बजाय 'जनता के बीच संवाद' बढ़ाने पर जोर देगी। तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर सक्रिय होने का निर्देश दिया है।

गिद्धों को बाहर करो'

एक तरफ जहां तेजस्वी की ताजपोशी की तैयारी है, वहीं उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया  X पर तीखे पोस्ट के जरिए पार्टी के भीतर 'आंतरिक कलह' को उजागर कर दिया है। रोहिणी ने तेजस्वी को चुनौती देते हुए कहा कि हार की समीक्षा का ढोंग करने के बजाय 'आस-पास बैठे गिद्धों' को पहचान कर उन्हें सजा देनी चाहिए। रोहिणी का निशाना सीधे तौर पर तेजस्वी के खास सहयोगी संजय यादव और रमीज की ओर है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन 'बाहरी' लोगों के कारण ही पुराने कार्यकर्ताओं का अपमान हो रहा है और पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

रोहिणी ने भावुक होते हुए यहां तक कह दिया कि उन्होंने अपने पिता को किडनी देकर कोई उपकार नहीं किया, लेकिन आज उन्हीं के घर में उन्हें अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने तक के संकेत दिए हैं।

RJD की वर्तमान स्थिति

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। पार्टी की सीटों की संख्या 2020 की 75 से घटकर मात्र 25 रह गई है। हालांकि पार्टी का वोट शेयर लगभग 23% पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन गठबंधन की स्थिति में वह मुख्य विपक्षी दल से खिसक कर अब तीसरे स्थान पर आ गई है। इस चुनावी झटके और लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए, पार्टी अब नेतृत्व में बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसके तहत तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष का नया पद सौंपा जाना लगभग तय माना जा रहा है।

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