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सेवानिवृत्ति का सिलसिला: जनवरी से अक्टूबर तक की सूचीRetirement timeline: List from January to October

 भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन के लिए साल 2026 बड़े बदलावों का साल होने जा रहा है। इस वर्ष राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट हुए अधिकारियों समेत कुल डेढ़ दर्जन (16) वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। रिटायर होने वाले इन अफसरों में स्पेशल डीजी से लेकर डीआईजी स्तर तक के अनुभवी चेहरे शामिल हैं। अधिकारियों की इस बड़ी खेप के रिटायर होने से न केवल मुख्यालय की शाखाओ बल्कि ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम जैसे महत्वपूर्ण ज़ोन के पुलिसिंग समीकरण भी बदलेंगे।


​ रिटायरमेंट की शुरुआत इसी महीने से हो रही है। इस सूची में राज्य के साथ-साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारी भी शामिल हैं:

अधिकारी का नाम बैच वर्तमान पद रिटायरमेंट तिथि

1 - जगदीश डावर 2012 एसपी, बड़वानी 21 जनवरी

2-अंशुमान सिंह 2006 आईजी, लॉ एंड ऑर्डर 5 फरवरी

3- हिमानी खन्ना 2006 आईजी, सागर 3 मार्च

4-कु. सविता सोनाने 2009 डीआईजी, शहडोल 10 अप्रैल

5-संजय तिवारी 2004 आईजी, प्लानिंग 5 जून

6-संजीव शमी 1993 स्पेशल डीजी, टेलीकॉम 24 जून

7-आलोक रंजन 1991 डायरेक्टर, NCRB (दिल्ली) 1 जुलाई

8-संतोष गौर 2009 डीआईजी 1 जुलाई

9-अरविंद सक्सेना 2006 आईजी, ग्वालियर 4 जुलाई

10-शशिकांत शुक्ला 2009 डायरेक्टर, FSL 21 जुलाई

11-महेश चंद जैन 2009 डीआईजी, नारकोटिक्स 26 जुलाई

12-मिथिलेश शुक्ला 2006 आईजी, नर्मदापुरम 10 अगस्त

13-अजय शर्मा 1989 अध्यक्ष, पुलिस हाउसिंग कॉर्प. 15 अगस्त

14-ए. साईं मनोहर 1995 एडीजी, इंटेलिजेंस 15 अगस्त

15-आशुतोष राय 1994 स्पेशल डीजी, AJK 30 अगस्त

16-सोनाली मिश्रा 1993 डीजी, RPF (दिल्ली)

क्या होगा इस व्यापक रिटायरमेंट का प्रभाव?

​1. प्रमोट IPS कैडर में रिक्तियां:

रिटायर होने वाले अधिकारियों में आधा दर्जन से अधिक 'प्रमोटी' (राज्य पुलिस सेवा से IPS बने) अफसर हैं। इनके जाने से पीएचक्यू (PHQ) में पद खाली होंगे, जिससे राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए IPS बनने के नए रास्ते खुलेंगे।

​2. फील्ड पोस्टिंग में बड़ी सर्जरी:

सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे महत्वपूर्ण रेंज के आईजी (IG) इस साल रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा इंटेलिजेंस और लॉ एंड ऑर्डर जैसे महत्वपूर्ण विंग के मुखिया भी बदलेंगे। ऐसे में सरकार को जल्द ही नई पदस्थापना सूची जारी करनी होगी, जिसमें युवा कैडर को मौका मिल सकता है।

​3. अनुभव का शून्य:

90 के दशक के अनुभवी अधिकारियों जैसे संजीव शमी (टेलीकॉम विशेषज्ञ), अजय शर्मा और ए. साईं मनोहर (इंटेलिजेंस) के रिटायर होने से विभाग को अनुभवी रणनीतिकारों की कमी खलेगी। विशेषकर चुनाव प्रबंधन और तकनीकी पुलिसिंग में इन अधिकारियों का लंबा अनुभव रहा है।

​आलोक रंजन और सोनाली मिश्रा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट के बाद, केंद्र में रिक्त होने वाले एमपी कैडर के पदों के लिए राज्य से नए अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है।

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