अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर आज एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने मिलकर भगवान हनुमान के चित्र वाली एक विशाल पतंग उड़ाई। चांसलर मर्ज अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
साबरमती आश्रम में गांधी को किया नमन
साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचने से पहले दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का दौरा किया। PM मोदी और चांसलर मर्ज ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और आश्रम की सादगी व उनके चरखे को करीब से देखा। साल 1917 में स्थापित यह आश्रम भारत के स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य केंद्र रहा है। चांसलर मर्ज ने गांधीजी के अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन
मकर संक्रांति (उत्तरायण) के उपलक्ष्य में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव का दोनों नेताओं ने भव्य शुभारंभ किया। चर्चा का केंद्र वह क्षण रहा जब दोनों ने भगवान हनुमान की छवि वाली पतंग उड़ाई, जो भारतीय संस्कृति और शक्ति का प्रतीक है। इस बार महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, भारत के 65 दिग्गज और गुजरात के 871 स्थानीय प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद, दोनों नेता गांधीनगर के 'महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर' में द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। भारत और जर्मनी की सामरिक साझेदारी ने हाल ही में 25 वर्ष और कूटनीतिक संबंधों ने 75 वर्ष पूरे किए है। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, व्यापार और उद्योगपतियों के साथ संवाद शामिल होगा। दोनों नेता रूस-यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया के हालात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करेंगे।

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