छिंदवाड़ा: कहा जाता है की पहली रोटी गाय के लिए होती है. लेकिन शहरों में गाय नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे है परंपरा खत्म हो रही थी. परंपरा को जीवित रखने और गौ सेवा करने के लिए छिंदवाड़ा नगर निगम ने एक ऐसी मुहिम शुरू की है. जिसके चलते नगर निगम का एक वाहन आपके घर पहुंचेगा और गाय के लिए रोटी लेकर जाएगा इस गौ रोटी बैंक नाम दिया गया है।
गौ रोटी बैंक की शुरुआत घर तक पहुंचेगा वाहननववर्ष के मौके पर नगर निगम द्वारा एक सामाजिक पहल की शुरुआत की गई. महापौर विक्रम अहके ने 'गौ रोटी बैंक' का शुभारंभ कर शहरवासियों को गौ सेवा का एक नया माध्यम प्रदान किया है. महापौर विक्रम आहके ने बताया कि, ''नगर निगम का एक विशेष वाहन नियमित रूप से शहर की सड़कों और कॉलोनियों में घूमेगा. जिससे कि शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं का पेट भर सके और लोग इसी बहाने गौ सेवा भी कर सकें. इसके लिए प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करना उद्देश्य ताकि लोग पहले रोटी गाय के लिए बनाकर दे सकें और हम गाय तक उसे पहुंच सकें.''
गौ रोटी बैंक कैसे करेगा काम महापौर विक्रम आहके ने बताया कि, ''नागरिकों द्वारा दान की गई रोटियों को कलेक्ट किया जाएगा और फिर सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंश को तत्काल रोटियां खिलाई जाएंगी. इसके साथ कि कलेक्ट की गई रोटियों को व्यवस्थित रूप से गोशालाओं तक पहुंचाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर निराश्रित गायों को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा.''
संस्कृति और सेवा का संगममहापौर विक्रम अहके ने कहा, "हमारी सनातन संस्कृति में भोजन की पहली रोटी गाय को देने की परंपरा रही है. व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अक्सर ऐसा नहीं कर पाते. यह गौ रोटी बैंक हमारी उसी प्राचीन परंपरा को आधुनिक स्वरूप में साकार करने का एक प्रयास है.'' महापौर ने लोगों से अपील की है कि, ''नगरवासी घरों में बची हुई रोटियों को फेंकने के बजाय इस वाहन को प्रदान करें. आपका एक छोटा सा सहयोग गौ माताओं के लिए नियमित भोजन सुनिश्चित कर सकता है.''

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