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मुगलों का काशी विश्वनाथ पर हमला- लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़ी एवं मणिकर्णिका घाट ध्वस्त...???Mughals attack on Kashi Vishwanath- Statue of Lokmata Ahilyabai Holkar broken and Manikarnika Ghat demolished...???

दीप भांड 

यकीन नहीं होता ना यकीन मानिए ये सत्य है हमला हुआ पर इस बार हमला मुगलों ने नहीं "अपनों" ने किया है...

लगभग 800 वर्षों से सनातन के लगातार पतन के बाद भारत में एक सूर्यकरण दिखाई दी, छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मान ,सूबेदार मल्हारराव होलकर से प्रेरणा लेकर भारत के उद्धवस्त सनातन प्रतीकों,मंदिरों, घाटों का जीर्णोद्धार शुरू करने वाली मालवा की "महारानी पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर" ने अल्प आयु में अपने पति के स्वर्गवासी होने के बाद राजपाठ अपने हाथों में लिया उस समय की एक विधवा महारानी जिन्होंने 1700 ईस्वी में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी,नेपाल से लेकर गुजरात तक ज्योतिर्लिंगों का जीर्णोद्धार करा। कल्पना कीजिए एक तरफ मुगलों से संघर्ष एक तरफ अन्य शासकों से अपने राज्य को बचाना, सीमित संसाधन ससुर,पति,बेटी,दामाद की मृत्यु का वियोग इन सब प्रतिकूल परिस्थितियों में वो महान शिवभक्त अपने श्रीशंकर की सेवा में लगी रही।


जिन महादेव काशी विश्वनाथ बाबा के मंदिर के लिए आप ये विकास कर रहे है भूलिए नहीं उन्हीं विश्वनाथ बाबा के शिवलिंग को अहिल्या बाई होलकर ने ही स्थापित किया था। यदि उस विषम परिस्थिति में वो विश्वनाथ बाबा के आशीर्वाद से शिवलिंग स्थापित ना करती तो आज आप ये तथाकथित विकास नहीं कर पाते।

आज उस पुण्य आत्मा को यह दिन देखना पड़ था है कि विकास के नाम पर आज उन्हीं की द्वारा विकसित किया गया "मणिकर्णिका घाट" एवं स्वयं उन्हीं की प्रतिमा को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा तोड़ दिया गया...हालांकि आजकल जैसा माहौल है सरकारें क्या कर रही है उन्हें खुद ही नहीं पता होता है जब काम उल्टा पड़ जाता है तब उन्हें होश आता है।यदि भूलवश अपने ऐसी त्रुटि करो है तो ये क्षमा योग्य त्रुटि नहीं है और यदि आपने सब जानते हुए, समझते हुए, उस घाट के निर्माण के महत्व को जानते हुए ये घाटियां कार्य किया है तो यकीन मानिए आपका न्याय स्वयं अहिल्या माँ साहेब ही करेंगी...

एक तरफ आपने काशी कॉरिडोर पर अहिल्या माँ साहेब की प्रतिमा स्थापित कर प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री जी से करा माँ साहेब को उचित मान दिया वही दूसरी तरह माँ साहेब द्वारा निर्मित मणिकर्णिका घाट एवं उनकी प्रतिमा को तोड़कर अपने ये कैसी दोहरी मानसिकता का परिचय दिया है...लोकमाता अहिल्या बाई होलकर एक ऐसा पुण्य और पवित्र नाम है जिनका हर कोई सम्मान करता है वो चाहे किसी भी वर्ग,जाती,धर्म,संप्रदाय से आता हो।

आपने उनका अपमान कर पूरे देश को निराश और क्रोधित कर दिया है...आपने जो गलती करी है उससे जितना जल्द हो सके सुधारे और देश से माफी मांगे अन्यथा एक बड़े आंदोलन एक बड़े विरोध के लिए तैयार रहे।

लोकमाता पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की जय...

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