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MP में 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 625 किमी लंबा टाइगर टूरिज्म कारिडोरA 625 km long tiger tourism corridor will be built in Madhya Pradesh at a cost of Rs 5,000 crore.

भोपाल। मध्य प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में करीब पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से 625 किलोमीटर लंबा टाइगर टूरिज्म कारिडोर विकसित किया जाएगा। यह कारिडोर पेंच टाइगर रिजर्व से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना टाइगर रिजर्व को आधुनिक सड़कों के माध्यम से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ पर्यटन, बल्कि प्रदेश की समग्र आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति देगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का सबसे अधिक बाघों वाला राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों को एक सुव्यवस्थित कारिडोर से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिसे “टाइगर टूरिज्म कारिडोर” नाम दिया गया है। इस कारिडोर के विकसित होने से पर्यटकों को पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व तक सुगम, सुरक्षित और तेज यात्रा सुविधा मिलेगी। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कारिडोर पड़ोसी राज्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

पर्यटन के साथ व्यापार और आवागमन को बढ़ावा

डॉ. यादव ने बताया कि यह कारिडोर केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यावसायिक और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग बनेगा। सड़क उन्नयन और विकास से माल परिवहन आसान होगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

अटल प्रगति पथ से चंबल क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्वालियर, भिंड, श्योपुर सहित पूरे चंबल क्षेत्र को अटल प्रगति पथ का लाभ मिलेगा। लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पथ उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके शुरू होने से मध्य प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर की दूरी घटकर तीन से चार घंटे रह जाएगी। साथ ही दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर और प्रमुख पोर्ट्स तक प्रदेश की पहुंच आसान होगी।

एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड परियोजनाएं भी होंगी तेज

मुख्यमंत्री ने बताया कि 9716 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल-जबलपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा भोपाल-इंदौर-प्रयागराज, जबलपुर-नागपुर और इंदौर-धुले-पुणे सड़क परियोजनाएं विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होंगी। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में प्रदेश की चारों दिशाओं में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए तय समयसीमा

डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सड़क परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। खंडवा बायपास, जबलपुर रिंग रोड, इंदौर-हरदा और रीवा बायपास जैसी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति मिलेगी।

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