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75% देशों में राइट साइड तो फिर भारत में लेफ्ट साइड क्यों होती है ड्राइविंग? जानिए इसकी वजह और इतिहासIn 75% of countries, driving is on the right side, so why is it on the left side in India? Learn about the reason and history behind it.

दुनिया के अलग-अलग देशों में ड्राइविंग को लेकर अलग नियम देखने को मिलते हैं। कहीं पर दाईं ओर कार की स्टीयरिंग होती है तो कहीं पर बाईं ओर होती है। हॉलीवुड फिल्मों में अक्सर हम कारों को सड़क के दाईं ओर चलते देखते हैं, जबकि भारत में गाड़ियां बाईं ओर चलती हैं और स्टीयरिंग व्हील दाईं तरफ होता है। इस ग्लोबल अंतर के पीछे कोई आधुनिक इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि सदियों पुराना इतिहास, युद्ध की रणनीतियां और औद्योगिक क्रांति का प्रभाव छिपा है। आइए इस दिलचस्प सफर के बारे में विस्तार से जानते हैं।



18वीं और 19वीं शताब्दी में जब घुड़सवारी और घोड़ों की गाड़ियां आम थीं, तब लोग सड़क के बाईं ओर चलते थे। इसका एक व्यावहारिक कारण था, क्योंकि अधिकांश लोग दाएं हाथ से काम करने वाले (Right-handed) होते थे और अपनी तलवार दाईं ओर रखते थे। बाईं ओर चलने से सामने से आने वाले दुश्मन पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर दाहिने हाथ से तलवार चलाना आसान होता था। अंग्रेजों ने इसी नियम को भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में लागू किया।

क्यों नहीं बदला गया लंबे समय से चला आ रहा यह सिस्टम?

आजादी के बाद इस पूरे ढांचे को बदलना बहुत महंगा और जटिल था। इसके अलावा घनी आबादी और संकरी सड़कें भी यह नियम ना बदलने का एक कारण बनीं, साथ ही पहले से मौजूद वाहनों की संख्या भी एक मुख्य कारण है। यही वजह है कि इस नियम को बरकरार रखा गया और यह आज भी कायम है।

दुनिया के 75% देश दाईं ओर क्यों चलते हैं?

आज अमेरिका, चीन, रूस, मिडिल ईस्ट और अधिकांश यूरोपीय देशों में गाड़ियां सड़क के दाईं ओर चलती हैं। इसके पीछे मुख्य रूप से फ्रांस और अमेरिका का प्रभाव है। इसे सबसे पहले मध्ययुगीन यूरोप में नेपोलियन बोनापार्ट ने सैन्य रणनीति के तहत दाईं ओर चलने के नियम को बढ़ावा दिया, जो बाद में उन सभी देशों में फैल गया जहां फ्रांस का प्रभाव था।

20वीं सदी की शुरुआत में हेनरी फोर्ड ने अपनी प्रसिद्ध कारों (जैसे मॉडल टी) में स्टीयरिंग व्हील को बाईं ओर रखा, जिससे सड़क के दाईं ओर गाड़ी चलाना सुविधाजनक हो गया। बड़े पैमाने पर इन सस्ती गाड़ियों के ग्लोबल निर्यात ने 'राइट हैंड ट्रैफिक' को एक वैश्विक मानक बना दिया।

ब्रिटेन ने नियम को दी ग्लोबल पहचान

दक्षिण एशिया के अलावा, दुनिया भर में कई देश हैं जहां लोग बाईं तरफ गाड़ी चलाते हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जापान, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्से शामिल हैं। इस लिस्ट में यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) सबसे प्रमुख है, जिसने इस नियम को ग्लोबल पहचान दी। इसके अलावा आयरलैंड, माल्टा और साइप्रस में भी यही नियम लागू है।

जापान का अनोखा मामला

रोचक बात यह है कि जापान कभी ब्रिटेन का गुलाम नहीं रहा, फिर भी वहां भारत की तरह बाईं ओर ड्राइविंग होती है। इसकी वजह जापान का रेलवे नेटवर्क है। जापान की शुरुआती रेल लाइनें ब्रिटिश इंजीनियरों की मदद से बिछाई गई थीं, जिन्होंने वहां अपना 'लेफ्ट साइड' सिस्टम लागू किया। बाद में जब सड़कों पर कारें आईं, तो इसी रेलवे सिस्टम के आधार पर ड्राइविंग नियमों को अपनाया गया।

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