मप्र के गौरव माने जाने वाले इंदौर पर अब कलंक लग चुका है। शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी आने से करीब 14लोगों की मौत हो गई। वहीं 1400 लोग बीमार हो चुके हैं। मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। इधर, राजधानी दिल्ली में आज से ‘शब्दोत्सव’ साहित्यिक आयोजन की शुरुआत हो रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी आज कैंपेन शुरू करेंगे।
दो दिन में मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने इंदौर के इस मामले को संज्ञान में लिया है और दो दिन में मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी को मुफ्त इलाज दिया जाए।
देर शाम 38 में से 10 को किया रेफर
मां ने बच्चे को दूध में पानी मिलाकर पिलाया। बच्चे को उल्टी-दस्त हुए, मौत हुई। इधर, भागीरथपुरा में स्वास्थ्य अमला जांच करता रहा। शाम तक पहुंचे 38 मरीजों में से 10 को रेफर किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम को पत्र लिख इलाज, पीडि़तों को मुआवजा व मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की।
शादी के 11 साल बाद हुआ बेटा छिन गया
भागीरथपुरा सब्जी मंडी के पास रहने वाले सुनील साहू ने बताया, 2014 में शादी हुई। 10 साल की एक बेटी है। 11 साल बाद अव्यान हुआ। 6 माह का था। आंखों में आंसू और भरे लगे से मां साधना बोली-अव्यान को दस्त-उल्टी के बाद निजी क्लीनिक में दिखाया। दवा दी। 29 दिसंबर की रात में वह रोने लगा। उसे अस्पताल ले गए, पर रास्ते में ही सांसें टूट गईं। कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है। गाय के दूध में पानी मिलाकर पिलाते थे। उल्टी-दस्त लग गए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने लगाई मुहर
स्वास्थ्य विभाग ने भी अब मुहर लगा दी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में पानी में गंदगी की मिलावट की पुष्टि हुई है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने माना कि बीमारी गंदे पानी के कारण हुई। मौतों से उजड़ रहे परिवारों का गुस्सा भी सामने आया। मंत्री कैलाश मृतक के परिजनों को शासन की ओर से रदो-दो लाख रुपए का चेक देने पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें लौटा दिया। सभी ने कहा, अब क्या करने आए हो? लौट जाओ।

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