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JNU में शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचल देंगे', PM मोदी, अमित शाह के खिलाफ विवादित नारों पर बोले CM फडणवीस "We will crush the intentions of Sharjeel Imam's followers at JNU," said CM Fadnavis, commenting on the controversial slogans against PM Modi and Amit Shah.

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए जाने के मामले को लेकर लगातार बवाल जारी है। पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी को लेकर JNU प्रशासन सख़्त है और उसकी शिकायत पर इस मामले में FIR दर्ज हो गई है। संस्थान ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया है और कहा है कि यूनिवर्सिटी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की प्रयोगशाला नहीं है। वहीं, अब इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ये शरजील इमाम की जो औलादे हैं, जो जेएनयू में पैदा हुए हैं ,इनके इरादों को कुचलना का काम हम करेंगे।



पूरा मामला?

दरअसल, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के मामले में सुनवाई करते हुए जेल में बंद दो आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी में प्रदर्शन हुआ जहां कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक नारे लगाए गए। इस घटना से पूरे देश में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया।

क्या बोले CM फडणवीस?

जेएनयू में प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के संबंध में जो आपत्तिजनक नारे लगाए गए हैं, उस पर बोलते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा- "देखिए ये शरजील इमाम की जो औलादे हैं, जो जेएनयू में पैदा हुए हैं, इनके इरादों को कुचलना का काम हम करेंगे> ऐसे नापाक इरादे जो देशद्रोहियों के साथ खड़े होते हैं, जो देश को तोड़ने की भाषा वाले के साथ खड़े होते हैं, उनके इरादों को कुचल दिया जाएगा, ऐसे इरादे नहीं चलेंगे।"

छत्रपति शिवाजी महाराज पर भी बोले फडणवीस 

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील ने छत्रपति शिवाजी महाराज को पाटीदार समाज का बताया है, यह पूछने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने क्या कहा, मुझे पता नहीं है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज किसी एक समाज के नहीं थे। महापुरुषों का कोई समाज नहीं होता, जाति नहीं होती, महापुरुष जो होते हैं वह पूरे देश के होते हैं। इसलिए उन्हे ऐसा लगता है कि उनको इस जाति का, उस जाति का कहना सही नहीं होगा। वह तो पूरे देश के थे और छत्रपति शिवाजी महाराज थे इसलिए हम हैं। आज मैं अपना नाम बता पा रहा हूं, वह इसलिए कि शिवाजी महाराज थे। महापुरुषों को इस प्रकार से विभाजित करना ठीक नहीं है।

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