इंदौर। इंदौर जिले के मदिरा एकल समूह क्रमांक IND-3 द्वारकापुरी के लाइसेंस निरस्त होने के बाद अब उसे पुनः निष्पादित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मदिरा एकल समूह IND-3 द्वारकापुरी, जिसमें द्वारकापुरी, अहिरखेड़ी और रेत की मंडी चौराहा स्थित कुल तीन कंपोजिट मदिरा दुकानें शामिल हैं, के लाइसेंस कलेक्टर (आबकारी) जिला इंदौर के आदेश दिनांक 1 जनवरी 2026 के तहत निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद शेष अवधि के लिए इस समूह के पुनर्निष्पादन का निर्णय लिया गया है। आबकारी विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 की शेष अवधि 7 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक के लिए उक्त मदिरा एकल समूह का पुनर्निष्पादन ई-टेंडर एवं ई-टेंडर कम ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के एमपी टेंडर्स पोर्टल https://mptenders.gov.in
के माध्यम से ई-टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुनर्निष्पादन की प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 को संपन्न की जाएगी।
जारी निष्पादन कार्यक्रम के तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति, फर्म, एलएलपी, कंपनी अथवा कंसोर्टियम 1 जनवरी 2026 से 6 जनवरी 2026 को प्रातः 11.30 बजे तक अपना ई-टेंडर अथवा ई-टेंडर कम ऑक्शन सबमिट कर सकता है। इसके लिए बोलीदाताओं को निर्धारित समय सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा, क्योंकि समय समाप्त होने के बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि संबंधित बिडर मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के ई-आबकारी पोर्टल https://eaabkari.mp.gov.in
पर उपलब्ध कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल में पहले से पंजीकृत हो। बिना पंजीकरण के कोई भी व्यक्ति या संस्था ई-टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी। मदिरा एकल समूह IND-3 द्वारकापुरी के पुनर्निष्पादन से जुड़ी विस्तृत जानकारी, शर्तें और दिशा-निर्देश एनआईसी के एमपी टेंडर्स पोर्टल http://mptenders.gov.in
तथा मध्यप्रदेश आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://excise.mp.gov.in से डाउनलोड की जा सकती हैं। इसके अलावा इच्छुक आवेदक कार्यालय सहायक आयुक्त आबकारी, जिला इंदौर से कार्यालयीन समय में, अवकाश के दिनों सहित, आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकते हैं। आबकारी विभाग के इस कदम से न केवल राजस्व हित सुरक्षित होंगे, बल्कि निर्धारित अवधि के लिए मदिरा दुकानों के संचालन को भी व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
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