इन दिनों अस्पतालों में सर्दी-खांसी, अस्थमा और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हृदय रोग विशेषज्ञ डा. बृजेश श्रीवास्तव के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में दिल के मरीजों और बीपी की दवा लेने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सुबह बहुत जल्दी टहलने निकलना हृदय रोगियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। सूरज निकलने के बाद ही बाहर जाना बेहतर है। साथ ही सुबह के समय कोहरा और प्रदूषण मिलकर स्मॉग बनाते हैं, जो अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग जरूर करें, ताकि ठंडी हवा सीधे फेफड़ों तक न पहुंचे।
दवाएं और दिनचर्या में नियमितता
हृदय और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी दवाएं समय पर लेते रहना चाहिए और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अचानक दवा बंद करना या समय बदलना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
खान-पान और हाइड्रेशन का रखें ध्यान
सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेटेड रखना उतना ही जरूरी है। दिनभर गुनगुना पानी पीते रहें। डाइट में अदरक, तुलसी, हल्दी और लहसुन जैसे प्राकृतिक गर्म तासीर वाले पदार्थ शामिल करें। ये इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
बुजुर्गों और बच्चों की विशेष सुरक्षा
बुजुर्गों और बच्चों का थर्मोरेगुलेशन सिस्टम कमजोर होता है, जिससे उन्हें जल्दी हाइपोथर्मिया हो सकता है। उन्हें हमेशा गर्म कपड़े पहनाएं और सिर व कान ढंक कर रखें, ताकि शरीर का तापमान संतुलित बना रहे।

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