आइआइटी बीएचयू के छात्रों ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मैकेनिकल इंजीनिरिंग विभाग की प्रो. कल्पना चौधरी और उनकी शोध टीम द्वारा बनाई गई हाइड्रोजन-चालित ई-बाइक को पेटेंट मिल गया है। शोध टीम ने यह ई-बाइक छह माह पहले बनाई थी।
इसे तीन तरीकों से चलाया जा सकता है। हाइड्रोजन ऊर्जा मोड में 500 वाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया जाएगा, जबकि बैटरी मोड में 24 वोल्ट की बैटरी आधारित इलेक्ट्रिक सिस्टम और मैन्युअल मोड में सामान्य साइकिल की तरह पैडल मारकर उपयोग किया जा सकेगा।. कल्पना और उनकी शोध टीम मितांशु मीणा, ऐश्वर्या और अथर्व ने एक पुरानी और बेकार पड़ी साइकिल को मात्र तीन माह में हाईटेक ई-बाइक में तब्दील कर दिया।
फ्यूल सेल की लागत को छोड़कर पूरी ई-बाइक को तैयार करने में मात्र पांच हजार रुपये का खर्च आया है। संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि हाइड्रोजन आधारित स्वच्छ ऊर्जा तकनीक भविष्य के परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
डा. कल्पना के अनुसार, इसमें मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का शानदार तालमेल बिठाया गया है। बाइक में एक बीएलडीसी मोटर लगी है, जिसे फ्यूल सेल या बैटरी से पावर मिलती है।

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