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इंदौर की घटना के बाद सवालों की जद में देवास भी आया, सीएम की वर्चुअल मीटिंग में नहीं जुड़ीं महापौर Following the incident in Indore, Dewas also came under scrutiny, and the mayor did not join the Chief Minister's virtual meeting.


शहर में अब जिम्मेदार जागे हैं। लोगों को साफ पानी मिले, इसकी फिक्र हुई है। स्वविवेक से नहीं...मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए इसलिए। इसमें भी महापौर यात्रा पर हैं। सीएम की वर्चुअल मीटिंग में भी नहीं जुड़ीं। शहर अधिकारियों के भरोसे चल रहा।

विपक्षी दल कांग्रेस परंपरानुसार सुस्त है और जयंती-पुण्यतिथि व ज्ञापनों से बाहर नहीं निकल पा रही। नेता प्रतिपक्ष इसलिए चुप हैं, क्योंकि उनके नेता अब अध्यक्ष नहीं हैं। दूसरे कांग्रेसी भी चुप्पी साधे बैठे हैं।

नगर निगम की कार्यप्रणाली शुरू से विवादित रही है

दरअसल, इंदौर की घटना के बाद सवालों की जद में देवास भी आया है। सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि यहां भी नगर निगम की कार्यप्रणाली शुरू से विवादित रही है। पार्षद गुटों में बंटे हैं। कोई विधायक समर्थक तो कोई सांसद की तरफ। महापौर का काम प्रतिनिधि देख रहे हैं तो सभापति से खींचतान के किस्से भी सुर्खियों में रहते हैं।

कुछ अधिकारी वर्षों से जमे हैं, जिनको लेकर कई तरह की बातें होती हैं। इन सबके बीच शहर का विकास बैठकों और कागजों में सिमट जाता है। कुछ समय पहले शहर में पानी की किल्लत हुई थी तो जिम्मेदार जागे थे। इसके बाद फिर ऑल इज वेल का नारा देकर गुम हो गए।

सीएम ने कलेक्टर, कमिश्नर, महापौर से वर्चुअल मीटिंग की

अब जब इंदौर की घटना के बाद पूरा सिस्टम कठघरे में घिरा तो अधिकारियों को अवाम की फिक्र हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात को कलेक्टर, कमिश्नर, महापौर से वर्चुअल मीटिंग की। देवास महापौर की गैरमौजूदगी में सभापति रवि जैन मीटिंग में जुड़े। इसके बाद देवास में जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम जमीनी हकीकत जानने निकली।

पालनगर व नागदा पहुंचे निरीक्षण करने

शनिवार सुबह कलेक्टर ऋतुराज सिंह, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार और निगम सभापति रवि जैन ने वार्ड 44 (पालनगर) व 45 (नागदा) का दौरा कर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों व सभापति ने जल वितरण का जायजा लिया और रहवासियों से संवाद भी किया।

पालनगर क्षेत्र में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने नल से पानी बोतल में भरकर सैंपल लिया। नगर निगम की तकनीकी टीम ने मौके पर जांच की, जिसमें पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई। नागदा गणेश मंदिर मार्ग पर पानी बहता पाया गया। सभापति ने संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। कहा कि अगर नलों से पानी बह रहा है तो टोटी लगाकर रोकें।

कलेक्टर ने क्या कहा?

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के तहत शहर में सप्लाइ हो रहे पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। हमारा प्रयास है कि हर नागरिक को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल मिले। जहां भी कमी मिलेगी, वहां तुरंत सुधार करवाया जाएगा।

गंदा पानी आए तो निगम को दें सूचना

सभापति रवि जैन ने कहा कि शहर में पेयजल की गुणवत्ता अच्छी है और निगम लगातार इस पर नजर रखे हुए है। पानी व्यर्थ न बहे और आसपास जमा न हो। बहता पानी कई बार रिवर्स होकर अन्य नलों तक पहुंच जाता है, जिससे समस्या पैदा होती है। यदि किसी भी क्षेत्र में गंदा पानी आ रहा हो तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

निगम आयुक्त दलीप कुमार ने कहा कि शहर में शुद्ध पेयजल सप्लाइ हो रहा है। हमारी टीम लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। इस अवसर पर भाजपा नेता बहादुर मुकाती, निगम लोक निर्माण समिति अध्यक्ष गणेश पटेल, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि रामचरण पटेल, मुकेश मोदी, अर्जुन चौधरी, निगम प्रभारी कार्यपालन यंत्री सौरभ त्रिपाठी, उपयंत्री राजेश कौशल सहित निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

पार्षद ने करवाई टंकी की सफाई

वार्ड 43 बालगढ़ क्षेत्र में पार्षद राजा अकोदिया ने नगर निगम के सहयोग से शहीद भगत सिंह मल्टी स्थित पानी की टंकी की सफाई करवाई। अकोदिया ने बताया कि महापौर, सभापति एवं नगर निगम आयुक्त के निर्देशानुसार वार्ड में पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पानी की टंकियों की नियमित सफाई एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

वार्डवासियों ने यह भी मांग की कि स्वच्छता एवं पानी की टंकियों की सफाई का यह अभियान निरंतर जारी रखा जाए। वार्ड के प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी नगर निगम के सहयोग से स्वच्छता एवं पेयजल से जुड़े कार्य लगातार किए जाते रहेंगे।

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