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बच्ची की मौत के बाद ई-रिक्शा नियमों के सख्त पालन की मांग पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस Following the child's death, the Delhi High Court issued a notice on the demand for strict enforcement of e-rickshaw regulations.


दिल्ली हाइकोर्ट ने राजधानी में ई-रिक्शा के संचालन से जुड़े कानूनों और नियमों के सख्त पालन की मांग वाली जनहित याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने इस मामले में दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, दिल्ली यातायात पुलिस और नगर निगम दिल्ली से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष यह जनहित याचिका मनीष पराशर द्वारा दायर की गई।



याचिकाकर्ता की आठ वर्षीय पुत्री की अगस्त माह में जाफराबाद क्षेत्र में उस समय मृत्यु हो गई थी, जब कथित रूप से बिना पंजीकरण, बिना बीमा और तकनीकी रूप से असुरक्षित ई-रिक्शा तेज और लापरवाह तरीके से चलाए जाने के कारण पलट गया था। याचिका में कहा गया कि दिल्ली में ई-रिक्शा का संचालन खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है। ऐसे वाहन यात्रियों, पैदल चलने वालों और परिवारों के लिए गंभीर और जानलेवा खतरा बन चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगातार दुर्घटनाएं और दर्दनाक मौतें हो रही हैं।

 याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यह असहनीय स्थिति संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार का खुलेआम उल्लंघन है और इसमें तत्काल तथा प्रभावी न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है। याचिका में उल्लेख किया गया कि केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधनों तथा विभिन्न अधिसूचनाओं के माध्यम से ई-रिक्शा और ई-कार्ट के निर्माण, पंजीकरण और संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश बनाए हैं। इन नियमों के तहत पंजीकरण, वाहन की फिटनेस, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। याचिका में यह भी कहा गया कि बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण और बिना नियमन वाले ई-रिक्शा सड़कों पर चल रहे हैं, जो वैधानिक सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन नहीं करते। इसके कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आम नागरिकों की जान को भी गंभीर खतरा पैदा होता है। यह जनहित याचिका वकील गौरव आर्य और नवीन बामेल के माध्यम से दायर की गई।

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