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इंदौर रेंज मेंं सुपर कॉरिडोर पर बढ़ रहा अतिक्रमण, अवैध खेती में लगे कब्जेदारEncroachment is increasing on the Super Corridor in the Indore range, with encroachers engaging in illegal farming.

 

इंदौर। प्रदेशभर में जंगलों पर अतिक्रमण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हरियाली पर सीधा असर पड़ रहा है और वन क्षेत्र तेजी से सिमटते जा रहे हैं। इंदौर वनमंडल की स्थिति इस मामले में अधिक चिंताजनक बनती जा रही है। बीते एक वर्ष में यहां करीब दस प्रतिशत नए अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं। वन विभाग के अनुसार इंदौर, चोरल, महू और मानपुर वनक्षेत्रों में 322 से अधिक लोग वन भूमि पर कब्जा कर चुके हैं और जमीन पर अपना दावा पेश कर रहे हैं। इन सभी मामलों की सूची जिला प्रशासन को भेज दी गई है।


इंदौर रेंज में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में पाया गया है। यहां वन विभाग की जमीन से सटी भूमि पर बड़े पैमाने पर कब्जे किए गए हैं। करीब 40 से ज्यादा लोग वन भूमि पर अवैध रूप से काबिज हैं, जिनमें बड़ी संख्या भूमाफियाओं की बताई जा रही है। केवल भूमाफिया ही नहीं, बल्कि जंगल से लगे प्लाटधारक भी धीरे-धीरे वन क्षेत्र की जमीन पर कब्जा बढ़ा रहे हैं। कई स्थानों पर अवैध खेती भी शुरू कर दी गई है, जिससे वनभूमि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।

कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में

सूत्रों के मुताबिक कुछ मामलों में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी रेंज अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं और संबंधित मामलों की विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है।

रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जंगलों में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर बेहद चिंतित हैं। कुछ महीने पहले मुख्यालय स्तर से निर्देश जारी किए गए थे कि प्रत्येक वनवृत्त और वनमंडल में टीमें बनाकर जंगलों का दौरा किया जाए और अतिक्रमण, अवैध कटाई और अवैध खेती की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके बावजूद अतिक्रमण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

इंदौर वृत्त में हालात और भी खराब

इंदौर वृत्त में अब तक 800 से ज्यादा अतिक्रमण के प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें इंदौर के अलावा आलीराजपुर, झाबुआ और धार जिले शामिल हैं। अकेले इंदौर जिले में 322 स्थानों पर अतिक्रमण पाया गया है। धार और आलीराजपुर में 80 से 85 के बीच मामले दर्ज हुए हैं, जबकि इंदौर और झाबुआ में अतिक्रमण करने वाले सबसे ज्यादा सक्रिय बताए जा रहे हैं।

जल्द शुरू होगी कार्रवाई

सीसीएफ पीएन मिश्रा का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी। इंदौर वृत्त की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद समीक्षा बैठक आयोजित कर रणनीति तय की जाएगी, ताकि वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके और हरियाली को संरक्षित किया जा सके।

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