कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने सोमवार (19 जनवरी) को कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दल आगामी विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे। सिंह ने कहा कि यदि कोई मतभेद होगा तो उसे परिवार के सदस्यों के बीच के मुद्दों के रूप में सुलझा लिया जाएगा। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पार्टी गठबंधन के प्रति प्रतिबद्ध है।
सिंह देव ने चेन्नई में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय 'सत्यमूर्ति भवन' में पत्रकारों से कहा, "मुझे विश्वास है कि यह गठबंधन मजबूत बना रहेगा और हम मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में सत्ता में वापसी करने का लक्ष्य रख रहे हैं।" कांग्रेस की 'स्क्रीनिंग कमेटी' के अध्यक्ष देव ने कहा कि उनकी पार्टी और DMK दोनों एकजुट हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, "हम एकजुट रहेंगे...जो भी मतभेद हैं, उन्हें परिवार के मुद्दों की तरह ही सुलझा लिया जाएगा। हम मिलकर उनका समाधान निकाल लेंगे।" उन्होंने अभिनेता-राजनीतिक नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन की अटकलों पर कहा, "लोगों की अपनी राय है। लेकिन पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ 'इंडिया' गठबंधन में रहने को लेकर दृढ़ है।"
तमिलनाडु में कांग्रेस की भूमिका पर देव ने कहा कि पार्टी सीधे तौर पर आखिरी बार 1967 में सत्ता में थी। इसके बाद लगभग 58 से 60 वर्षों से कांग्रेस यहां गठबंधन के जरिए ही शासन का हिस्सा रही है। उन्होंने बताया कि DMK के साथ गठबंधन ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अच्छा काम किया है। हालांकि, कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें कुछ लोग उठा रहे हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया पर बोलते हुए सिंह देव ने कहा कि यह कदम उदयपुर चिंतन शिविर से तय था, जो वर्ष 2022 में हुआ था।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में नए चेहरे और टीवीके पार्टी के प्रमुख विजय को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह देव ने कहा कि विजय युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं, ऐसा उन्होंने सुना है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि डीएमके और कांग्रेस पिछले 20 वर्षों से गठबंधन में हैं, इसलिए किसी नए व्यक्ति को लेकर जो भी फैसला होगा, वह दोनों दलों की सहमति से ही लिया जाएगा।
ज्यादा मांगना और कम पर समझौता करना तमिलनाडु में गठबंधन की बातचीत में कांग्रेस का यह आम तरीका है। हर विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) में एक रस्म होती है। कुछ सदस्य DMK से अधिक सीटों और अगर गठबंधन चुनाव जीतता है तो सत्ता में हिस्सेदारी की मांग करते हैं। लेकिन आखिरी फैसला पार्टी नेतृत्व AICC पर छोड़ दिया जाता है। फिर आखिरी में पार्टी नेतृत्व DMK के साथ बने रहने का फैसला करता है। ऐसा लग रहा है कि इस बार फिर वही होने वाला है।

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