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प्रार्थना नाकाम नहीं होती, राहुल गांधी से मिलकर बोले शिवकुमार; कर्नाटक का CM बनना तय? "Prayers never go in vain," Shivakumar said after meeting Rahul Gandhi; Is he set to become Karnataka's CM?


कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से छोटी मुलाकात की थी। इसके बाद शिवकुमार ने लिखा कि प्रार्थनाएं नाकाम नहीं होतीं। राहुल के साथ दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनातनी की खबरें हैं। हालांकि, दोनों ही नेता सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करते रहे हैं।



शिवकुमार ने कन्नड़ में पोस्ट किया है। हिंदी अनुवाद के अनुसार उन्होंने लिखा, 'भले ही कोशिश नाकाम हो जाए, लेकिन प्रार्थना नाकाम नहीं होती।' उनकी इस पोस्ट को कथित सीएम रेस से जोड़कर देखा जा रहा है।


पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी सूत्र बताते हैं कि यह संक्षिप्त बातचीत उस समय हुई जब राहुल तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के गुडालूर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंडकल्ली हवाई अड्डे पर संपर्क उड़ान के लिए उतरे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सिद्धरमैया और शिवकुमार से अलग-अलग और फिर एकसाथ भी संक्षिप्त बातचीत की।


दरअसल, गांधी मंगलवार को दो बार मैसूरु हवाई अड्डे से गुजरे पहली बार गुडालूर जाते समय और दूसरी बार वहां से लौटते हुए। दोनों ही मौकों पर सिद्धरमैया और शिवकुमार हवाई अड्डे पर मौजूद थे।

क्या बात हुई

तीनों नेताओं के बीच हालांकि क्या बातचीत हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच जारी खींचतान और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को देखते हुए इन मुलाकातों को अहम

यह संक्षिप्त बातचीत ऐसे समय हुई है जब सिद्धरमैया और शिवकुमार दोनों ही राहुल गांधी से औपचारिक मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं

दिल्ली बुलाए जा सकते हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सिद्धारमैया और शिवकुमार को जरूरत पड़ने पर बातचीत के लिए नई दिल्ली बुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को दिल्ली में बातचीत के लिए कब बुलाया जाएगा, इस सवाल के जवाब में खरगे ने कहा, 'जब भी जरूरत होगी, पार्टी उन्हें बुलाएगी।'

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के 20 नवंबर को ढाई वर्ष पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष तेज हो गया है। वर्ष 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कथित 'सत्ता-साझाकरण समझौते ने अटकलों को और तेज कर दिया है।

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