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हजार रुपये नकद लाओ, तुरंत नकल ले जाओ' ग्वालियर कलेक्ट्रेट की शाखा में खुलेआम रिश्वतखोरी !"Bring a thousand rupees in cash and get your copy immediately!" Open bribery at the Gwalior Collectorate branch!

 

ग्वालियर। कलेक्ट्रेट की तीसरी मंजिल पर स्थित नकल शाखा रिकार्ड रूम से खसरे-नक्शों की प्रमाणित नकल जल्द चाहिए तो एक हजार रुपये रिश्वत लगेगी। आपके पास रुपये नहीं हैं तो चक्कर लगाते रहिए, जब नकल मिलेगी तब मिलेगी। नकल शाखा के बाबुओं ने यही नियम बना रखा


वैसे तो दोपहर डेढ़ बजे तक नकल लेने के लिए फार्म जमा होते हैं, यह बोर्ड पर भी लिखा हुआ है, लेकिन जब रिश्वत की बात आती है तो यह नियम भी टूट जाता है। जल्द नकल की बात पर पहले खिड़की पर नकल आवेदन लेने व नकल प्रदान करने वाली महिला कर्मचारी बगल वाले कक्ष में ले जाती है, जहां दूसरी महिला बाबू को डील कराने बुलाया जाता है। अधिकांश रुपये नकद लिए जाते हैं ताकि बाद में मामला ट्रेस न हो।नकल शाखा की रिश्वतखोरी की पड़ताल की और खुद आवेदक बनकर देखा तो महिला बाबू ने बेहिचक एक हजार रुपये एक नकल के अर्जेंट रेट बताए और दो ही दिन में नकल मिल जाएगी, यह भरोसा दिया।

महिला कर्मचारी सुमन कुशवाह बोलीं – अर्जेंट नकल तो हजार रुपये

पहला दिन: मंगलवार

सुत्रो के अनुसार कलेक्ट्रेट की तीसरी मंजिल पर पहुंची और यहां कक्ष क्रमांक 303 के बाहर खिड़की के आगे कुछ लोगों को नकल आवेदन लेते देखा, कुछ अधिवक्ता कक्ष में मौजूद थे। यहां पदस्थ पटवारी बीना शिवहरे से पूछा कि मैडम अडुपूरा में सर्वे क्रमांक 531 की नकल मिल जाएगी क्या। महिला बोलीं आवेदन का समय खत्म, अब कल आना।

इसके बाद महिला पटवारी उठी और बगल वाले कक्ष 304 में पहुंची। इसके बाद इशारा किया कि अंदर से मैडम आएंगी। यहां टेबल पर बाबू सतपाल कुशवाह बैठे हुए थे। अंदर रिकार्ड रूम के गेट से महिला बाबू सुमन कुशवाह आईं। उन्होंने कहा कि हां, बताइए।

टीम ने वही सर्वे क्रमांक की नकल मांगी और कहा कि जल्द चाहिए। इस पर महिला कर्मचारी ने कहा कि जल्दी चाहिए तो आप समझते ही हैं। हमने कहा, क्या देना होगा। इस पर महिला कर्मचारी ने कहा कि एक लगेंगे। हमने कहा कि कुछ कम नहीं होंगे, तो महिला बोली कि इसमें क्या कम कर लें अब।

फिर सुमन कुशवाह ने कहा कि फार्म भर लाइए। इसके बाद महिला कर्मचारी ने बाकायदा फार्म भरवाने में मदद की। टीम ने कहा कि एक और सर्वे नंबर की नकल चाहिए, तो जवाब मिला कि मिल जाएगी। टीम ने कहा कि हजार-पांच सौ रुपये की कोई टेंशन नहीं, काम जल्द होना चाहिए। इस पर कर्मचारी ने कहा कि काम हो जाएगा। इसके बाद कर्मचारी ने अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया।

दूसरा दिन: बुधवार

सुत्रो के अनुसार सुमन कुशवाह के मोबाइल नंबर पर कॉल किया और रिकार्डिंग बात की। कहा कि मैडम एक और सर्वे नंबर की जानकारी मिल गई है, उसकी भी नकल चाहिए। दोनों की एक साथ जल्द मिल जाएंगी क्या। महिला कर्मचारी ने कहा कि हां, मिल जाएंगी।

टीम ने कहा कि वह एक लड़का भेज देंगे जो दो हजार दे देगा, तो दोनों नकल साथ दे देना। इस पर कर्मचारी ने सहमति दे दी।भूमिजा सक्सेना, प्रभारी अधिकारी, रिकार्ड रूम का कहना है कि ओआईसी का चार्ज मेरे पास है, लश्कर तहसीलदार भी कार्य देखते हैं। नकल शाखा रिकार्ड रूम में महिला कर्मचारी द्वारा रुपये मांगे जाने के मामले को दिखवाएंगे।

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