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परीक्षा से पहले… डर नहीं, भरोसे की बात” क्योंकि प्यारे बच्चो आप हमारे नंबर नहीं हमारा गुरूर हो (✍️एक पालक की कलम से ✍️Before the exam... it's not about fear, but about confidence, because dear children, you are not just our numbers, you are our pride. (✍️From the pen of a parent✍️)

डाॅ रीना पाटील

 प्राचार्या ज्ञानोदय MIG इंदौर

मेरे प्यारे विद्यार्थी,

आपके जीवन में एक बार फिर वह समय आने वाला है जब किताबें, कॉपियाँ और समय-सारिणी आपके दिन का अहम हिस्सा बन जाएँगी। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएँ अब सामने हैं। भले ही परीक्षाएँ अभी शुरू नहीं हुई हों, लेकिन उनकी आहट ने आपके मन में कई सवाल, डर और बेचैनी पैदा कर दी होगी। यह स्वाभाविक है। इसका अर्थ यह है कि आप अपने भविष्य को लेकर सजग और गंभीर हैं।


आज का दौर बहुत प्रतिस्पर्धात्मक है। हर ओर तुलना है—कौन कितना पढ़ रहा है, कौन आगे निकलेगा, किसके ज़्यादा नंबर आएँगे। इस माहौल में कई बार आपका मन भी खुद से सवाल करने लगता है और आत्मविश्वास डगमगा जाता है। लेकिन याद रखिए, हर बच्चा अलग होता है। आपकी सोच, आपकी समझ और आपकी गति किसी और से अलग है। इसलिए खुद की तुलना दूसरों से करना अपने मन पर अनावश्यक बोझ डालना है।

परीक्षा ज़रूरी है, लेकिन यह आपके पूरे जीवन का फैसला नहीं करती। यह सिर्फ एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं। आपके अंक आपकी मेहनत का परिणाम हो सकते हैं, पर वे आपकी पूरी पहचान नहीं हैं। आपने जो भी पढ़ा है, जिस ईमानदारी से प्रयास किया है और जितनी लगन से मेहनत की है—वही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

परीक्षा से पहले के इन दिनों में अपने मन और शरीर दोनों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। बहुत अधिक दबाव में आकर पढ़ने से डर बढ़ता है, समझ कम होती है। इसलिए थोड़ी देर रुकिए, गहरी साँस लीजिए और खुद से कहिए—मैं कोशिश कर रहा/रही हूँ, और यह पर्याप्त है।

डर से नहीं, भरोसे से पढ़िए, क्योंकि भरोसा ही आपको आगे बढ़ने की शक्ति देता है।

अगर कभी मन टूटे, आँखें भर आएँ या लगे कि सब बहुत कठिन है, तो यह याद रखिए कि आप अकेले नहीं हैं। आपके माता-पिता, शिक्षक और शुभचिंतक आपके साथ हैं। और सबसे ज़रूरी बात—आप खुद पर भरोसा रखें।

पूरी सच्चाई और मेहनत से प्रयास कीजिए। जो भी परिणाम आए, उसे संतोष के साथ स्वीकार कीजिए।

क्योंकि जीवन में सफलता सिर्फ परीक्षा से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और संतुलन से मिलती है।किताबों के बीच जो डर सा पलता है,

वो कहता है तुम कुछ बड़ा करने चलते हो।

नंबर नहीं नापते सपनों की ऊँचाई,

मेहनत ही बताती है तुम कितने सच्चे हो।

थक जाओ तो पल भर रुक जाना ठीक है,

हार मान लेना लेकिन मंज़ूर नहीं।

परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है जीवन का,

तुम हमारी उम्मीद हो — ये कभी भूलना नहीं। 🌸

प्रेरणा (बच्चों के लिए)

*आपकी मेहनत – रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ना भी एक बड़ी जीत है।

*आपका आत्मविश्वास – खुद पर भरोसा रखना सबसे बड़ी ताकत है।

*आपके माता-पिता – जिनकी उम्मीदें प्यार से भरी होती हैं, दबाव से नहीं।

*आपके शिक्षक – जो अंकों से पहले आपके प्रयास को महत्व देते हैं।

*असफलताएँ – जो गिरकर उठना सिखाती हैं, हार मानना नहीं।

*आपके सपने – जो आपको हर दिन आगे बढ़ने की वजह देते हैं।

*आपका स्वास्थ्य – शांत मन और स्वस्थ शरीर ही सच्ची सफलता की कुंजी है।

*आपका संतोष – जो हर परिस्थिति में आपको मजबूत बनाए रखता है।

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