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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 48 घंटे में दूसरे टाइगर की मौत, कुएं की दुर्गंध से चौंकाने वाला खुलासा Second tiger dies in Bandhavgarh Tiger Reserve in 48 hours; foul smell from a well leads to a shocking discovery.


बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 48 घंटे के अंदर एक और टाइगर की मौत ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है. बुधवार को मादा टाइगर की मौत के बाद अब एक वयस्क टाइगर की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. इस बार टाइगर का शव वन परिक्षेत्र के एक कुएं में मिला है. बाघ के साथ संघर्ष हुआ, या वह दुर्घटना का शिकार हुआ है फिलहाल ये साफ नहीं है. वयस्क टाइगर की मौत ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब वन विभाग की टीमें इस घटना की बारीकी से जांच कर रही हैं.



खेत में बने कुएं में कैसे गिरा बाघ?

बुधवार को जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र ताला के बीट कथली आरएफ 331 में मादा शावक मृत पाई गई थी तो वहीं अब धमोखर परिक्षेत्र के अंतर्गत रायपुर गांव के कुदरी टोला से ये दुखद खबर आई है. गुरुवार दोपहर को क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खेत में बने कुएं में बाघ का मृत शरीर उतराता नजर आया. हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर टाइगर खेत में बने कुएं में कैसे जा गिरा?

दुर्गंध के बाद चला पता

बताया जा रहा है कि ये कुआं गांव से करीब डेढ़ से 2 किलोमीटर दूर स्थित है. जब कुएं के पास से बेहद तेज दुर्गंध आने लगी तो ग्रामीणों ने उस कुएं में जाकर देखा. कुएं में टाइगर को मृत देख ग्रामीण दहशत में आ गए और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी.

कई दिन पहले हो चुकी मौत?

बाघ की मौत की खबर जैसे ही मिली, बांधवगढ़ की टीम और वन विभाग प्रबंधन की टीम मौके पर तुरंत पहुंचीं, वहां मौजूद ग्रामीणों ने वन विभाग को बताया कि कुंए से बहुत ज्यादा दुर्गंध आ रही थी, जिसके बाद बाघ का उन्हें पता चलाक. वहीं वन विभाग के एक्सपर्ट ने कहा कि जिस तरह से बाघ के शव से दुर्गंध आ रही थी, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि उसकी मौत कई दिनों पहले हो चुकी थी.

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