अंडे को प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का 'सुपरफूड' माना जाता है, जो ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक एक लोकप्रिय ऑप्शन है। लेकिन "अति सर्वत्र वर्जयेत" की कहावत यहां भी लागू होती है। यदि अंडे का सेवन सीमित मात्रा से अधिक किया जाए, तो यह शरीर के लिए फायदेमंद होने के बजाय हानिकारक साबित हो सकता है। एक नजर इसके प्रमुख नुकसानों पर डालते हैं।
पाचन संबंधी दिक्कतें
अंडे की तासीर गर्म होती है और इसमें फाइबर नहीं होता। अधिक मात्रा में अंडा खाने से गैस, एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग (पेट फूलना) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में यह 'इरिटेबल बाउल सिंड्रोम' (IBS) को बढ़ाकर दस्त का कारण भी बन सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा
अंडे की जर्दी (योक) में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी अधिक होती है। एक बड़े अंडे में लगभग 186 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। अधिक सेवन से शरीर में 'एलडीएल' (बुरा कोलेस्ट्रॉल) का स्तर बढ़ सकता है, जो भविष्य में हृदय रोगों का खतरा पैदा करता है।
डायबिटीज का जोखिम
हैरानी की बात है कि जो अंडा ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद करता है, वही अधिक मात्रा में खाने पर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। 'डायबिटीज केयर' पत्रिका की एक स्टडी के अनुसार, हफ्ते में 7 या उससे ज्यादा अंडे खाने वाले पुरुषों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 58% और महिलाओं में 77% तक बढ़ सकता है।
एलर्जी का खतरा
अंडे से कई लोगों को एलर्जी होती है। इसके अधिक सेवन से शरीर पर चकत्ते, सूजन, एक्जिमा, नाक बंद होना, सांस लेने में दिक्कत या आंखों से पानी आने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। गंभीर मामलों में यह 'एनाफिलेक्सिस' जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है।

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