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इंदौर में दूषित पानी से महामारी जैसा संकट, 3200 से अधिक मरीज प्रभावित; राष्ट्रीय संस्थानों की टीमें जांच में जुटींA public health crisis has erupted in Indore due to contaminated water, affecting over 3200 people; teams from national institutions are investigating the situation.

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त की महामारी जैसी स्थिति बन गई है। यह राज्य में पहली बार है जब किसी सीमित क्षेत्र में इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में लोग एक ही बीमारी से प्रभावित हुए हैं।

अब तक 3200 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हैं। कई परिवारों में सभी सदस्य बीमार पड़ गए हैं, जिससे पूरा इलाका स्वास्थ्य संकट की चपेट में है।



प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी मिल गया, जिससे फीकल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया जैसे खतरनाक तत्व पानी में पहुंचे।

इससे डायरिया और उल्टी का प्रकोप तेजी से फैला। हालांकि मौतों के आंकड़ों में विवाद है—सरकारी तौर पर 6-7 मौतों की पुष्टि की गई है, जबकि स्थानीय लोग और कुछ रिपोर्ट्स 17 मौतों का दावा कर रही हैं। इनमें एक 6 महीने का मासूम भी शामिल है, जिसकी मौत ने पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा दिया है।

अब तक 3200 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हैं। कई परिवारों में सभी सदस्य बीमार पड़ गए हैं, जिससे पूरा इलाका स्वास्थ्य संकट की चपेट में है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी मिल गया, जिससे फीकल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया जैसे खतरनाक तत्व पानी में पहुंचे।

इससे डायरिया और उल्टी का प्रकोप तेजी से फैला। हालांकि मौतों के आंकड़ों में विवाद है—सरकारी तौर पर 6-7 मौतों की पुष्टि की गई है, जबकि स्थानीय लोग और कुछ रिपोर्ट्स 15-17 मौतों का दावा कर रही हैं। इनमें एक 6 महीने का मासूम भी शामिल है, जिसकी मौत ने पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा दिया है।भविष्य में भी क्षेत्र में इसी तरह की समस्या बनी रहेगी। स्टेट सर्विलांस के प्रमुख डॉ. अश्विन भागवत ने बताया कि यह पहली बार है जब सीमित क्षेत्र में, इतने कम समय में इतनी संख्या में मरीज सामने आए है।

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