मोहन यादव इंदौर के प्रभारी मंत्री है फिर भी घंटा बजता रहा और इंदौर में लोग मरते रहे। इंदौर दूषित पानी पीने से 30 मौतें सैकड़ों अस्पताल में भर्ती। सिस्टम फेल, जिम्मेदार...नौकरशाहों को सजा क्यों राजनेताओं को क्यों नहीं ?
इंदौर। इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह एक महिला लक्ष्मी रजक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अब दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 30 हो गया है।इनके पहले उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद पुत्र गन्नुदास की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बुधवार सुबह उनके परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
इलाके में लगातार हो रही मौतों से लोग घबराए हुए हैं। परिजनों के अनुसार करीब 15 दिनों से वे उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
दो मरीज वेंटिलेटर पर
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में जब यहां मरीजों मिलने की शुरुआत हुई थी, तब से अब तक 4000 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। इसमें से करीब 450 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 10 मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं, वहीं दो मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में नियमित पानी की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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