गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट (MP High Court) में याचिका दायर की है। HC ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कहा कि ईडी चाहे तो मामले में कार्रवाई जारी रख सकता है, लेकिन फिलहाल वह अंतिम निर्णय नहीं ले सकेगा।
2002 करोड़ रुपये की डिमांड नोटिस
ED ने किशोर वाधवानी और अन्य के खिलाफ करीब 2002 करोड़ रुपये की डिमांड निकालते हुए नोटिस जारी किया है। आरोप है कि वाधवानी ने समाचार पत्र के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग की। इस आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
समाचार पत्र के जरिए लेन-देन का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार वाधवानी ने समाचार पत्र की प्रतियों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। रिकॉर्ड में बताया गया कि समाचार पत्र की दैनिक प्रसार संख्या 60 हजार से एक लाख बताई गई, जबकि वास्तविक संख्या पांच से आठ हजार प्रतियों के बीच थी। आरोप है कि अन्य व्यवसायों से हुई आय और काले धन को नकद बिक्री दर्शाकर समाचार पत्र के खाते में जमा किया गया।
पुलिस थाने में भी दर्ज है मामला
ED की कार्रवाई के अलावा किशोर वाधवानी के खिलाफ इंदौर के तुकोगंज पुलिस थाने में भी धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। फिलहाल मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे जारी है।

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