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मध्य प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म, विदेशियों के लिए 12 स्थान बनेंगे आस्था, पर्यटन और आरोग्य का संगमIn Madhya Pradesh, wellness tourism will offer foreigners 12 destinations that combine faith, tourism, and well-being.

 

दुनिया भर में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, पचमढ़ी हो या फिर उज्जैन, ओंकारेश्वर जैसी धार्मिक नगरी। इन्हें अब देश-दुनिया में स्वस्थ जीवनशैली की राह दिखाने वाले स्थलों के रूप में भी पहचान मिलने जा रही है। वेलनेस टूरिज्म के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 12 स्थल आस्था, पर्यटन और आरोग्य का संगम बनने जा रहे हैं। यानी पर्यटक यहां घूमने के साथ ही स्वस्थ रहने के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति से उपचार करा सकेंगे।

आरोग्य यानी अच्छे स्वास्थ्य के लिए के लिए पंचकर्म जैसी थेरेपी करा सकेंगे। उनके रहने की व्यवस्था अस्पताल की तरह नहीं बल्कि पर्यटक की तरह होगी। झोपड़ीनुमा डीलक्स रूम में पंचकर्म की सुविधा दी जाएगी। इसी तरह से योग-ध्यान कराया जाएगा।

सबसे बड़ी बात यह कि वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ने वाला मध्य प्रदेश केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है। विदेशी पर्यटक केंद्र सरकार की आयुष वीजा योजना के अंतर्गत सीधे यहां पर वेलनेस के लिए वीजा प्राप्त कर सकेंगे।

10-10 बिस्तर के झोपड़ीनुमा अस्पताल

मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बिस्तर और पचमढ़ी, सिंगरौली, मंदसौर, ओंकारेश्वर, चित्रकूट, आगर मालवा, चंदेरी, ओरछा, आलीराजपुर और दतिया में 10-10 बिस्तर के झोपड़ीनुमा अस्पताल बना रही है, जो वर्ष 2027 के अंत तक प्रारंभ हो जाएंगे।

वर्ष 2028 में उज्जैन में होने जा रहे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा। वेलनेस केंद्रों में एक छत के नीचे योग, ध्यान, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक, यूनानी जैसी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार की सुविधा रहेगी।

डिटाक्सीफिकेशन पर रहेगा विशेष ध्यान

प्रदेश का आयुष विभाग और पर्यटन विकास निगम मिलकर वेलनेस केंद्रों की स्थापना कर रहे हैं। वेलनेस पर्यटकों को आयुर्वेद आहार विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार भोजन दिया जाएगा। इसमें काढ़ा, जूस, स्वास्थ्यवर्धक चाय, मोटे अनाज से बने पकवान शामिल रहेंगे। आयुष विभाग के उप संचालक डॉ. राजीव मिश्रा ने बताया कि इसमें डिटाक्सीफिकेशन यानी विषाक्तता निवारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कम से कम तीन दिनों का होगा पैकेज

इसके लिए अलग-अलग पैकेज आयुष और पर्यटन विभाग मिलकर तैयार कर रहे हैं। कम से कम तीन दिनों का पैकेज होगा। इसी तरह से सात दिनों का पैकेज भी होगा। हर पैकेज में थेरेपी और कक्षों के हिसाब से भी अलग-अलग पैकेज बनाए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर सात दिनों के पैकेज में पंचकर्म का पैकेज अलग रहेगा। पंचकर्म के साथ अन्य थेरेपी का अलग।

यह है आयुष वीजा योजना

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह भारत सरकार की यह योजना है, जिसे वर्ष 2023 में प्रारंभ किया गया था। यह वीज़ा उन विदेशी लोगों के लिए है जो भारत में आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी से उपचार कराना चाहते हैं या स्वस्थ रहने के लिए कोई थेरेपी लेना चाहते हैं। वीजा प्राप्त करने के लिए मान्यता प्राप्त अस्पताल का सहमति पत्र आवश्यक होता है। साथ में एक सहयोगी को भी वीजा की पात्रता होती है।

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