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चोर-चोर मौसेरे भाई! कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड शुभम के मौसा का बेटा गिरफ्तार, 10 करोड़ की काली कमाई का खुला राजBirds of a feather flock together! The cousin of Shubham, the mastermind behind the cough syrup scam, has been arrested, and the secret of his ₹10 crore ill-gotten gains has been revealed.

 

उत्तर प्रदेश में सामने आए कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, कफ सिरप की तस्करी से कमाए गए पैसों में से करीब 10 करोड़ रुपये आदित्य के पास पहुंचे थे, जिन्हें उसने अलग-अलग तरीकों से खर्च और निवेश किया। शुभम और आदित्य दोनों रिश्ते में मौसेरे भाई हैं और पुलिस का मानना है कि आदित्य इस पूरे नेटवर्क में पैसों के लेन-देन को संभाल रहा था।


सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा राजनीतिक बवालइस बीच इस कफ सिरप कांड में एक नया राजनीतिक मोड़ आ गया है। गिरोह के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई हैं, जो अब वायरल हो रही हैं। शुभम के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से किए गए पोस्ट में वह समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनने की दुआ करता दिख रहा है। एक पोस्ट में उसने अखिलेश यादव से अकेले चुनाव लड़ने की अपील की थी और दावा किया था कि यूपी में सपा की सरकार बनेगी। इन पोस्ट के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।

अखिलेश यादव ने जांच पर उठाए सवालकोडीन कफ सिरप तस्करी को लेकर सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस गिरोह ने करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है, फिर भी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) या सीबीआई इसकी जांच क्यों नहीं कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा, “ईडी सिर्फ उन्हीं राज्यों में छापेमारी क्यों कर रही है जहां चुनाव हो रहे हैं? कोडीन युक्त कफ सिरप जैसे बड़े अपराध की जांच क्यों नहीं हो रही?”

कफ सिरप कांड पर सियासत तेजकोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर अब यूपी की राजनीति भी गरमा गई है। सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल, खासकर समाजवादी पार्टी, एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी जहां कानून-व्यवस्था की बात कर रही है, वहीं सपा जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां गिरोह के दूसरे सदस्यों और पैसों के नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।

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