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युवाशक्ति है सुधारों का इंजन, देश बनेगा महाशक्ति', पीएम मोदी ने दिया विकसित भारत का मूलमंत्र"Youth power is the engine of reforms, and the country will become a superpower," PM Modi gave the mantra for a developed India.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत “रिफॉर्म एक्सप्रेस'' पर सवार हो चुका है और इसका सबसे बड़ा इंजन देश की युवा शक्ति और अनुकूल जनसांख्यिकी है। उन्होंने राज्यों से विनिर्माण को प्रोत्साहित करने, ईज आफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र को नई गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को एक वैश्विक सेवा महाशक्ति बनाने की दिशा में साझा प्रयास जरूरी हैं।


प्रधानमंत्री तीन दिवसीय पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' था। मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश अगली पीढ़ी के सुधारों का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस जनसांख्यिकी को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जाए।

'इस बात पर देना होगा खास ध्यान'

प्रधानमंत्री ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक के बाद एक पोस्ट में कहा कि राज्यों को मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ कारोबार सुगमता में सुधार और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना होगा।

हर क्षेत्र में गुणवत्ता पर जोर

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा वितरण और विनिर्माण- हर क्षेत्र में गुणवत्ता को प्राथमिकता बनाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मेड इन इंडिया' को गुणवत्ता का पर्याय बनाने और 'जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट' के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने की जरूरत है।

भारत बन सकता है दुनिया का 'फूड बास्केट'

कृषि और खाद्य क्षेत्र पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दुनिया का 'फूड बास्केट' बनने की अपार क्षमता है। उन्होंने राज्यों से आह्वान किया कि वे उच्च मूल्य वाली कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दें, ताकि भारत एक प्रमुख खाद्य निर्यातक के रूप में उभर सके।

तीन दिनों में अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मेलन के दौरान कौशल विकास, उच्च शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और खेल जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई। साथ ही, शासन और सेवा वितरण में नवीनतम तकनीक के एकीकरण पर जोर दिया गया, ताकि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में शासन व्यवस्था में एक नई कार्य संस्कृति विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।

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