महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच गठबंधन का आज (बुधवार, 24 दिसंबर) औपचारिक ऐलान होने जा रहा है। बुधवार को ठाकरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच साझा करेंगे और गठबंधन की आधिकारिक घोषणा करेंगे।जानकारी के मुताबिक, दोनों नेता मुंबई के वर्ली स्थित होटल ब्लू सी में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जहां बीएमसी चुनाव के लिए गठबंधन की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर भी बात रखी जाएगी। सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला भी लगभग तय है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (उद्धव गुट) और एमएनएस के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूला भी लगभग तय हो चुका है। गठबंधन के तहत दोनों दल मुंबई में अपने-अपने मजबूत इलाकों में उम्मीदवार उतारेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने राज्य भर में 29 नगर निगमों के चुनाव की घोषणा की है, जिनमें बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी), पुणे नगर निगम (पीएमसी) और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) शामिल हैं। मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना 16 जनवरी को होगी।
मुंबई नगर निगम चुनाव: निरुपम ने की शिवसेना के लिए 90 से 100 सीटों की मांगशिवसेना नेता संजय निरुपम ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी को अगले महीने होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में 90-100 सीटें मिलनी चाहिए, जिनमें वे वार्ड भी शामिल हैं, जिन्हें अविभाजित शिवसेना ने 2017 के नगर निगम चुनावों में जीता था। यह मांग भाजपा के साथ गठबंधन की बातचीत के बीच आई है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर कांग्रेस और जिहादी मुसलमानों के साथ हाथ मिलाकर पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे के आदर्शों को त्यागने का भी आरोप लगाया। निरुपम ने दावा किया, यह मराठी माणूस को स्वीकार्य नहीं है।पूर्व सांसद ने कहा, "महाराष्ट्र विधानसभा के मापदंड बीएमसी चुनावों पर भी लागू होने चाहिए।" उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान, अविभाजित शिवसेना द्वारा जीती गई सीटें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को आवंटित कर दी गईं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में भी यही फॉर्मूला लागू किया जाएगा।
बीएमसी चुनाव: पहले दिन एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की 227 सीटों के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनावों की प्रक्रिया के पहले दिन मंगलवार को एक भी नामांकन दाखिल नहीं किया गया। बीएमसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि हालांकि अब तक 4,100 से अधिक नामांकन पत्र जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन एक भी पत्र चुनाव अधिकारियों को जमा नहीं किया गया।बीएमसी आयुक्त और महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक भूषण गगरानी ने नगर निकाय के मुख्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें चुनाव संबंधी कार्यों को सुगम बनाने के लिए मुंबई भर में स्थापित 23 कार्यालयों के कामकाज के बारे में जानकारी दी। नामांकन पत्र स्वीकार करने के लिए 23 कार्यालय 23 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। हालांकि, नामांकन पत्र 30 दिसंबर को शाम 4 बजे तक ही वितरित किए जाएंगे।बयान में कहा गया है कि 25 और 28 दिसंबर को नामांकन पत्र न तो वितरित किए जाएंगे और न ही स्वीकार किए जाएंगे। अविभाजित शिवसेना ने भाजपा को अपने कनिष्ठ सहयोगी के रूप में रखते हुए लगभग दो दशकों तक (2017 तक) देश के सबसे धनी नगर निकाय पर शासन किया।

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