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‘नोट से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की चल रही तैयारी’, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास का दावा'Preparations are underway to remove Mahatma Gandhi's picture from banknotes,' claims Rajya Sabha MP John Brittas

 .मनरेगा का नाम बदले जाने पर विवाद थमा भी नहीं था कि अब CPI सांसद ने एक और आरोप सरकार पर लगा दिया है. राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा है कि केंद्र सरकार भारतीय करेंसी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. उन्होंने दावा किया कि इसके लिए शुरुआती प्लान बन चुका है और भारत की विरासत को दर्शाने वाले प्रतीकों से इसे बदलने के लिए चर्चा चल रही है.सांसद का यह आरोप ऐसे किसी भी विचार पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के बार-बार इनकार करने के बावजूद आया है. ब्रिटास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आधिकारिक इनकार के बावजूद पहले दौर की चर्चा उच्च स्तर पर पहले ही हो चुकी है. यह अब सिर्फ अटकलें नहीं हैं. हमारी करेंसी से गांधी को हटाना देश के प्रतीकों को फिर से लिखने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है.”


1996 में छप रही महात्मा गांधी की फोटो

1996 में महात्मा गांधी सीरीज के बैंकनोट्स लॉन्च होने के साथ ही महात्मा गांधी की तस्वीर सभी नोटों पर एक स्थायी फीचर बन गई. 2022 में RBI ने उन रिपोर्ट्स को साफ तौर पर खारिज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि भारतीय करेंसी से गांधी की तस्वीर हटा दी जाएगी.

एक आधिकारिक बयान में सेंट्रल बैंक ने कहा कि गांधी की तस्वीर को किसी दूसरी हस्ती की तस्वीर से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. यह सफाई मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई थी, जिनमें दावा किया गया था कि RBI और वित्त मंत्रालय कुछ नोटों के लिए रवींद्रनाथ टैगोर और ए पी जे अब्दुल कलाम जैसी हस्तियों की तस्वीरों पर विचार कर रहे हैं.

यह मुद्दा एक फिर मनरेगा को रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल से बदलने के बाद उठ रहा है. VB-G RAM G बिल पर विपक्ष का कहना है सरकार गांधी जी का नाम मिटाने के लिए ऐसा कर रही है.

प्रियंका गांधी की टी पार्टी में शामिल होने की निंदा

इसके अलावा ब्रिटास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रखी गई टी पार्टी में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के जाने की आलोचना करते हुए कहा कि रोजगार गारंटी विधेयक पारित होने के बाद, जिससे देश के गरीब लोग प्रभावित होंगे. प्रधानमंत्री के स्वागत समारोह में प्रियंका गांधी की उपस्थिति, लोकतंत्र पर एक धब्बा है.

ब्रिटास ने सवाल उठाया कि प्रियंका गांधी जो कांग्रेस संसदीय दल में नेता या मुख्य सचेतक जैसा कोई आधिकारिक पद नहीं रखतीं, उन्होंने इस स्वागत समारोह में क्यों शिरकत की. उन्होंने आगे कहा कि जनविरोधी विधेयक पारित करने वाली सरकार के प्रति नरम रुख अपनाने से विपक्ष की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने यह भी चुटकी ली कि महात्मा गांधी की तस्वीर मुद्रा से हटा दिए जाने के बाद भी प्रियंका और उनके दोस्त शायद ऐसे स्वागत समारोहों में शामिल हों.

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