मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा व्यवस्था को लेकर महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अभ्यर्थी आयोग के चेयरमैन विवेक भीमनवार के इस्तीफे, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुणे में आंदोलन कई स्थानों तक फैल गया है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें शामिल हैं।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए भीमनवार के इस्तीफे की मांग दोहराई। दीपके ने भीमनवार के पूर्व परिवहन आयुक्त रहते हुए आरटीओ, लाइसेंस और नंबर प्लेट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला दिया। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान और मीडिया रिपोर्टों में लगाए गए हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। भीमनवार ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को खारिज किया है और कहा है कि जिस ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में पेपर लीक का आरोप लगा, उस समय वह आयोग के अध्यक्ष नहीं थे।
दीपके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी आरोप लगाते हुए सवाल किया कि भीमनवार के खिलाफ आरोपों के बावजूद उन्हें पद पर क्यों बनाए रखा गया है। उन्होंने फडणवीस पर भीमनवार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दीपके के दावों को निराधार बताया।
इस बीच सरकार ने MPSC की परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई है। वहीं, MPSC सचिव महेंद्र हरपलकर का तबादला किया जा चुका है, जबकि सरकार के अनुसार संवैधानिक पद पर बैठे आयोग के अध्यक्ष को राज्य सरकार सीधे नहीं हटा सकती।

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