मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे परीक्षा के दौरान नकल के मामलों से निपटने के अपने नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। संस्थान में बीटेक के दूसरे वर्ष के विद्यार्थी साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद गठित आठ सदस्यीय समिति ने परीक्षा प्रक्रिया में संशोधन को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की है।
परीक्षा के बीच प्रश्नपत्र छीनने की व्यवस्था पर पुनर्विचार
प्रस्तावित बदलावों के तहत परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने वाले विद्यार्थियों को भी पूरा प्रश्नपत्र हल करने देने की व्यवस्था पर विचार किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान तत्काल कठोर कार्रवाई से उत्पन्न होने वाले दबाव को कम करना और अनुशासनात्मक प्रक्रिया को अलग तरीके से संचालित करना है।
हालांकि, परीक्षा देने की अनुमति मिलने का अर्थ नकल के आरोप से छूट मिलना नहीं होगा। संबंधित विद्यार्थी के विरुद्ध संस्थान के नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जा सकती है।
विद्यार्थियों के मानसिक दबाव पर भी ध्यान
इस मामले के बाद परीक्षा व्यवस्था, अनुशासनात्मक कार्रवाई और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हुई है। उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक दबाव के बीच निष्पक्ष परीक्षा और विद्यार्थियों को उचित सुनवाई का अवसर देना महत्वपूर्ण माना जाता है।
समिति की रिपोर्ट में सुझाए गए बदलावों का अंतिम स्वरूप संस्थान के निर्णय और आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए प्रस्ताव और लागू किए गए नियमों के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

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