नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत दूरसंचार की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमताओं और तकनीकी आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया।
सिंधिया के अनुसार, भारत अब केवल दूरसंचार सेवाओं के बड़े बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उपकरणों के निर्माण, अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
दूरसंचार क्षेत्र में पाँचवीं पीढ़ी की संचार सेवाओं के विस्तार, स्वदेशी तकनीक के विकास और आधुनिक संचार ढांचे के निर्माण से भारत के सामने नए अवसर पैदा हुए हैं। इस क्षेत्र में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है।
दूरसंचार की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में अग्रणी बनने के लिए केवल सेवाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए उच्च तकनीक वाले उपकरणों का घरेलू उत्पादन, अनुसंधान में निवेश, कुशल मानव संसाधन और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना भी जरूरी होगा।
भारत के सामने अब चुनौती इन प्रयासों को ठोस परिणामों में बदलने की है, ताकि देश दूरसंचार सेवाओं के उपयोग के साथ-साथ तकनीक और उपकरणों के निर्माण में भी वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत कर सके।

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