Top News

NDA का SSB इंटरव्यू क्यों माना जाता है कठिन? 5 दिन में ऐसे परखी जाती है उम्मीदवार की क्षमता

 

नई दिल्ली । बौद्धिक प्रतिकार


NDA, CDS जैसी परीक्षाएं पास करना सेना में अधिकारी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इसके बाद उम्मीदवारों को Services Selection Board (SSB) की चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है। SSB को केवल सामान्य इंटरव्यू नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें उम्मीदवार के ज्ञान के साथ उसकी नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का तरीका, टीमवर्क, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता जैसी क्षमताओं का आकलन किया जाता है।



चयन प्रक्रिया आम तौर पर पांच दिनों में अलग-अलग चरणों में होती है। पहले दिन Officer Intelligence Rating (OIR) टेस्ट और Picture Perception and Description Test (PPDT) जैसे परीक्षणों के जरिए स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवार अगले चरण में पहुंचते हैं।


दूसरे दिन मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की शुरुआत होती है। उम्मीदवार की सोच, परिस्थितियों को समझने और प्रतिक्रिया देने के तरीके का आकलन विभिन्न टेस्ट के माध्यम से किया जाता है।


तीसरे और चौथे दिन Group Testing Officer (GTO) से जुड़े कार्य होते हैं। इनमें समूह चर्चा, ग्रुप प्लानिंग, टीम आधारित व्यावहारिक गतिविधियां और अन्य आउटडोर टास्क शामिल हो सकते हैं। यहां यह देखा जाता है कि उम्मीदवार समूह में किस तरह संवाद करता और जिम्मेदारी निभाता है।


पांचवें दिन कॉन्फ्रेंस होती है, जिसमें मनोवैज्ञानिक, GTO और इंटरव्यू अधिकारी उम्मीदवार के पूरे प्रदर्शन पर विचार करते हैं। इसके बाद परिणाम घोषित किया जाता है।


SSB में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं होता। उम्मीदवार की समग्र व्यक्तित्व क्षमता और अधिकारी पद के लिए जरूरी गुणों को अलग-अलग परिस्थितियों में परखा जाता है। यही वजह है कि इसे NDA और CDS के बाद चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post