नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। करीब 13 साल की सेवा के बाद उन्होंने 30 अगस्त को इस्तीफा देने की घोषणा की। हालांकि उनका इस्तीफा अभी सरकार की मंजूरी की प्रक्रिया में है, इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह तुरंत किसी नई भूमिका में नजर आएंगी।
दिव्या मित्तल ने इस्तीफे के पीछे निजी और पारिवारिक कारण बताए हैं। अपने भावुक संदेश में उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि सरकारी पद से बाहर आने के बावजूद समाज के लिए काम करने की उनकी इच्छा बनी रहेगी। ऐसे में उनके आगे की राह को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन उन्होंने अभी किसी नए राजनीतिक या कारोबारी कदम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
VRS के बाद क्या करते हैं IAS अफसर?
IAS की नौकरी छोड़ने के बाद अफसरों के लिए रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होते। कई अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद आयोगों, नियामक संस्थाओं, सलाहकार भूमिकाओं, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र में काम करते हैं। कुछ अधिकारी सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक सलाह से जुड़े काम भी चुनते हैं।
उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में इस्तीफे और VRS लेने वाले अधिकारियों की संख्या को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राज्य कैडर के कई अधिकारियों ने अलग-अलग कारणों से सेवा छोड़ी है।
दिव्या के लिए क्या संभावनाएं?
दिव्या मित्तल की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि भी उन्हें कई विकल्प देती है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की और IAS में आने से पहले लंदन में नौकरी की थी। प्रशासनिक सेवा में उन्होंने कई जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं और फील्ड प्रशासन का लंबा अनुभव हासिल किया।
इसलिए उनके लिए सार्वजनिक नीति, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, प्रबंधन या किसी निजी संस्था के साथ काम करने जैसे रास्ते संभव हो सकते हैं। लेकिन अभी तक इनमें से किसी विकल्प की उन्होंने पुष्टि नहीं की है।
यानी फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह नहीं कि दिव्या मित्तल क्या करेंगी, बल्कि यह है कि सरकार उनका इस्तीफा कब और किस रूप में मंजूर करती है। इसके बाद ही उनके अगले कदम की तस्वीर साफ होगी।

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