भोपाल। मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का CBI ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में विरोध किया है। जांच एजेंसी का तर्क है कि यदि गिरिबाला को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह मामले से जुड़े गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं तथा जांच की प्रक्रिया में हस्तक्षेप की आशंका है।
मामले में ट्विशा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। CBI ने जांच के बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अगस्त में दाखिल 636 पन्नों की चार्जशीट में दोनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में आरोप लगाए गए हैं।
CBI ने पहले भी जमानत का विरोध करते हुए दावा किया था कि जांच के दौरान गिरिबाला ने मामले से जुड़े CCTV तकनीशियन और सैलून संचालक से संपर्क करने तथा CCTV फुटेज हासिल करने के लिए निजी प्रतिनिधि भेजने की कोशिश की थी। एजेंसी ने उनके वॉयस सैंपल से जुड़े बिंदु भी अदालत के सामने रखे थे। ये सभी जांच एजेंसी के आरोप हैं, जिनका अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।
इससे पहले भोपाल की विशेष अदालत गिरिबाला की नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अब हाईकोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई के दौरान CBI का जवाब महत्वपूर्ण होगा।

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