पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म और ओव्यूलेशन की समस्या का बड़ा कारण बन सकती है। यही परेशानी कई महिलाओं के लिए मां बनने का रास्ता मुश्किल कर देती है। लेकिन एक प्रकाशित चिकित्सा केस रिपोर्ट में पीसीओएस से जूझ रही महिला के गर्भधारण का मामला सामने आया है, जिसमें आयुर्वेदिक उपचार के बाद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार महिला लंबे समय से संतान प्राप्ति में परेशानी का सामना कर रही थी। पहले हार्मोनल उपचार और आईयूआई जैसे प्रयास भी सफल नहीं हुए। इसके बाद आयुर्वेदिक पद्धति के तहत उसका उपचार शुरू किया गया। उपचार के दौरान खान-पान और जीवनशैली पर भी ध्यान दिया गया तथा मासिक धर्म और ओव्यूलेशन की स्थिति की निगरानी की गई।
करीब आठ महीने के उपचार के बाद महिला के मासिक चक्र में सुधार हुआ और गर्भधारण की पुष्टि हुई। बाद में उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह मामला वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित केस रिपोर्ट का हिस्सा है।
हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति के केस से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आयुर्वेद हर पीसीओडी मरीज में बांझपन का इलाज कर देगा। उपलब्ध शोधों में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन बड़े और बेहतर नियंत्रित अध्ययनों की अभी जरूरत है।
**पीसीओडी से परेशान महिलाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा या उपचार शुरू नहीं करना चाहिए और स्त्री रोग विशेषज्ञ की निगरानी में उपचार कराना चाहिए।**

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