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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शिक्षा और छात्रों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए
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खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पीआर कार्यक्रमों, महंगी गाड़ियों, विमानों और दूसरे खर्चों के लिए पैसा है, लेकिन देश के युवाओं की शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षक, प्रशिक्षण, छात्रावास और रोजगार के अवसरों की कमी का मुद्दा उठाया। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; सरकार की ओर से इन आरोपों का अलग-अलग बिंदुओं पर जवाब इस रिपोर्टिंग में उपलब्ध नहीं है।
दरअसल, राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम के बाद छात्राओं के लिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने एक छात्रा के सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि गांव से पढ़ने शहर आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर पीजी में रहना पड़ता है, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। राहुल ने आवास भत्ते में महंगाई के अनुरूप बदलाव और कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया।
इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए खेड़ा ने शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल खड़े किए। इंदौर का छात्र कार्यक्रम अब शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी का भी केंद्र बन गया है।

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