नई दिल्ली। पनीर खरीदते समय सिर्फ सफेद रंग और नरम बनावट देखकर उसे असली मान लेना सही नहीं है। बाजार में ऐसे एनालॉग या मिलावटी पनीर जैसे उत्पाद भी मिल सकते हैं, जिनमें दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति वसा, स्टार्च अथवा अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हर एनालॉग उत्पाद अपने आप में अवैध नहीं होता—लेबल पर उसकी सही पहचान और सामग्री की जानकारी होना जरूरी है। खाद्य उत्पादों के मानक और सुरक्षा की निगरानी FSSAI करता है।
असली पनीर की पहचान कैसे करें?
लेबल देखें: पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, सामग्री, निर्माण/पैकिंग तारीख, उपयोग की अंतिम तारीख और स्टोरेज निर्देश जरूर देखें।
बहुत ज्यादा रबर जैसी बनावट: अत्यधिक खिंचाव, असामान्य कठोरता या प्लास्टिक जैसी बनावट संदेह पैदा कर सकती है, लेकिन केवल देखकर मिलावट की पुष्टि नहीं होती।
स्टार्च की जांच: FSSAI की खाद्य-सुरक्षा सामग्री में स्टार्च जैसे मिलावटकारी पदार्थों की जांच का उल्लेख है। घर पर किए जाने वाले आयोडीन परीक्षण को केवल प्रारंभिक संकेत मानें; अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है।
अजीब गंध या स्वाद: तेज रासायनिक गंध, असामान्य स्वाद या खराब होने के संकेत हों तो पनीर न खाएं।
खुले पनीर में सावधानी: लंबे समय से खुले में रखा पनीर लेने के बजाय विश्वसनीय विक्रेता और उचित कोल्ड-चेन वाला उत्पाद चुनें।
सबसे जरूरी बात—घर का कोई एक टेस्ट यह साबित नहीं करता कि पनीर 100% असली है। अगर उत्पाद संदिग्ध लगे तो उसे खाने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करना और नमूने की प्रयोगशाला जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।

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