नई रिसर्च ने बच्चों की शुरुआती खुराक को लेकर बेहद अहम संकेत दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जन्म के बाद शुरुआती दो वर्षों तक बच्चे के भोजन में अतिरिक्त चीनी को सीमित रखना भविष्य के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकता है।
हाल में प्रकाशित शोध में शुरुआती जीवन के पहले 1,000 दिनों को शरीर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भावस्था और जन्म के बाद शुरुआती अवधि में चीनी का सेवन कम रहने से आगे की उम्र में कम उम्र में होने वाले कैंसर का खतरा घटने से संबंध देखा गया। एक अध्ययन में सबसे अधिक लाभ उन लोगों में पाया गया, जिन्हें जन्म के बाद लगभग 24 महीने तक सीमित चीनी मिली।
एक अन्य शोध में शुरुआती जीवन में चीनी पर नियंत्रण को वयस्क अवस्था में कैंसर की घटनाओं में कमी और जैविक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होने से जोड़ा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यहां बात फलों में प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा की नहीं, बल्कि मिठाइयों, मीठे पेय, पैकेट वाले खाद्य पदार्थों और भोजन में अलग से मिलाई जाने वाली अतिरिक्त चीनी की है।
हालांकि वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल चीनी बंद कर देने से कैंसर या अन्य बीमारियों से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। लेकिन बचपन से स्वस्थ खानपान की आदत भविष्य में मोटापा, मधुमेह और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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