सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। 28 सितंबर से शुरू हुए सप्ताह में अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कई बड़े आंकड़े सामने आने हैं, जिनका सीधा असर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की उम्मीदों पर पड़ सकता है। यही तीनों कारक फिलहाल बुलियन बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
सोमवार को ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में करीब 1.5% की गिरावट दर्ज हुई। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई की चिंता बढ़ी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से सोने पर दबाव आया। फेडरल रिजर्व ने इसी महीने ब्याज दर बढ़ाकर 3.75% से 4% की रेंज में कर दी है और बाजार अब आगे के फैसलों के संकेत तलाश रहा है।
इस सप्ताह 29 सितंबर को अमेरिकी Consumer Confidence और JOLTS, 30 सितंबर को ADP रोजगार, GDP और PCE महंगाई आंकड़े, 1 अक्टूबर को ISM Manufacturing तथा बेरोजगारी दावे और 2 अक्टूबर को Nonfarm Payrolls जारी होने हैं।
बाजार की नजर खास तौर पर रोजगार आंकड़ों पर रहेगी। कमजोर रोजगार आंकड़े ब्याज दरों को लेकर सख्ती की उम्मीद कम कर सकते हैं, जबकि मजबूत आंकड़े दरों को ऊंचा रखने की संभावना बढ़ा सकते हैं—जिसका असर सोने और चांदी पर पड़ सकता है।
इसलिए निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में अचानक तेजी या गिरावट दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के साथ चांदी पर भी दबाव दिखाई दे रहा है; सोमवार को चांदी करीब 2.8% नीचे कारोबार करती दिखी।
नोट: कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसे निवेश सलाह के बजाय बाजार की मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी के रूप में देखें।

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