एलएसी पर तनाव घटाने की कोशिश, वाचा-दमाई में सैन्य कमांडरों की अहम बैठक; डोभाल-वांग यी वार्ता के बाद बढ़ी बातचीत की रफ्तार
अरुणाचल प्रदेश के संवेदनशील ताकसिंग क्षेत्र में हालिया तनाव के बीच भारत और चीन की सेनाओं ने रविवार को वाचा-दमाई सीमा बैठक स्थल पर पहली बार कोर कमांडर स्तर की अहम सैन्य वार्ता की। भारतीय पक्ष का नेतृत्व तीसरी कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया ने किया। बातचीत का केंद्र वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बने तनाव और सीमा पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखना रहा।
यह बैठक इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ताकसिंग क्षेत्र में जुलाई के अंत में भारतीय और चीनी गश्ती दल आमने-सामने आए थे। इसके बाद स्थानीय सैन्य कमांडरों के स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई और अब मामला वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व तक पहुंचा है। भारतीय सेना ने सीमा पर चीनी गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया है।
इस वार्ता की दूसरी बड़ी कड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच 25 अगस्त को बीजिंग में हुई बातचीत है। सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों की इस बैठक के बाद दोनों देशों ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा संवाद तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि अरुणाचल में कोर कमांडर स्तर की यह पहली बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन अपने संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भी होना है, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की उम्मीद है।
फिलहाल वार्ता के विस्तृत नतीजे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। लेकिन संदेश स्पष्ट है—सीमा पर तनाव हो, फिर भी सैन्य संवाद का रास्ता बंद नहीं होगा।
अब नजर इस बात पर है कि वाचा-दमाई की यह बातचीत क्या ताकसिंग तनाव को शांत करने और एलएसी पर स्थायी स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ पाएगी।

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