लहराते हुए वाहन ने साइकिल सवार बच्चे और बुजुर्ग को मारी टक्कर, राहगीर ने बनाया वीडियो; चालक के नशे में होने का आरोप, पुष्टि बाकी
इंदौर। शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दावा करने वाली इंदौर पुलिस के सामने अब अपने ही वाहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में डीसीपी की नेमप्लेट लगी कार एमपी 03 ए 8674 के कथित तौर पर लहराते हुए चलने और दो अलग-अलग दोपहिया वाहन चालकों को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। हादसे में एक साइकिल सवार बच्चा और एक्टिवा सवार बुजुर्ग गिरकर मामूली रूप से घायल हुए। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
घटना का वीडियो एक राहगीर ने बनाया, जिसमें कार सड़क पर चल रहे वाहनों के बेहद करीब से निकलती दिखाई दे रही है। वीडियो में कार के असामान्य तरीके से चलने और टक्कर के बाद भी आगे बढ़ते रहने का दावा किया जा रहा है।
बताया गया कि कार क्लर्क कॉलोनी की तरफ से कलश चौराहे की ओर आई। इसी दौरान उसने पहले साइकिल सवार बच्चे को टक्कर मारी। बच्चा सड़क पर गिर गया, लेकिन कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ा दिया। पीछे से बाइक सवार राहगीर ने इसका वीडियो बनाते हुए कार का पीछा किया।
कार आगे भंडारी ब्रिज की ओर बढ़ी। इसी दौरान स्कूटी क्रमांक एमपी 09 यूई 3531 को भी टक्कर लगने की बात सामने आई है। स्कूटी सवार बुजुर्ग संतुलन बिगड़ने से फुटपाथ की ओर जा गिरे और उन्हें मामूली चोट आई।
नशे में था चालक? जांच जरूरी
घटना के बाद चालक के नशे में होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि वाहन आखिर इतनी लापरवाही से क्यों चलाया जा रहा था? यदि राहगीर ने वीडियो नहीं बनाया होता तो क्या विभाग को घटना की जानकारी मिलती?
नियम जनता के लिए, पुलिस के लिए क्या?
इंदौर पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार चेकिंग और चालानी कार्रवाई करती है। ऐसे में पुलिस की नेमप्लेट लगी कार से हुई इस घटना ने विभाग की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह है कि पुलिस विभाग वीडियो की जांच, चालक की मेडिकल जांच और वाहन की स्थिति की पड़ताल कर निष्पक्ष कार्रवाई करता है या मामला विभागीय खानापूर्ति तक सीमित रह जाता है।

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