सोशल मीडिया पर इन दिनों “ग्लास स्किन” का ट्रेंड खूब चर्चा में है। चमकदार, बिल्कुल चिकनी और बिना किसी दाग-धब्बे वाली त्वचा को खूबसूरती का पैमाना मान लिया गया है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार असली और स्वस्थ त्वचा का मतलब हर समय फिल्टर लगी तस्वीरों जैसी त्वचा होना नहीं है।
हेल्दी स्किन में पोर्स दिखाई देना, हल्की फाइन लाइंस होना, थोड़ा टेक्सचर, हल्का पिगमेंटेशन और कभी-कभार पिंपल्स निकलना बिल्कुल सामान्य बात है। त्वचा एक जीवित अंग है और उसमें बदलाव होते रहते हैं।
वहीं ग्लास स्किन मुख्य रूप से एक ब्यूटी ट्रेंड है, जिसमें त्वचा को बेहद चमकदार और स्मूद दिखाने पर जोर दिया जाता है। कई बार कैमरे की लाइटिंग, मेकअप, फिल्टर और फोटो एडिटिंग भी इस तरह की तस्वीरों को वास्तविकता से अलग बना देती है।
स्वस्थ त्वचा की असली पहचान यह है कि वह साफ, पर्याप्त नमी वाली और अपनी प्राकृतिक स्थिति में आरामदायक महसूस हो। इसके लिए महंगे उत्पादों की लंबी सूची जरूरी नहीं है। त्वचा की नियमित सफाई, मॉइस्चराइजर, धूप से बचाव और संतुलित जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण है।
हर समय बेदाग और परफेक्ट दिखने वाली त्वचा पाने की कोशिश में जरूरत से ज्यादा स्क्रब, एसिड या ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए फिल्टर वाली खूबसूरती के पीछे भागने के बजाय अपनी त्वचा को स्वस्थ रखना ही सबसे बेहतर लक्ष्य है।

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