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हेलीपैड की जमीन पर कब्जे का खेल! भेड़ाघाट में चला प्रशासन का बुलडोजर, मकान-डेयरी ध्वस्त



जबलपुर। पर्यटन नगरी भेड़ाघाट में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख दिखाया। प्रस्तावित हेलीपैड की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण पर राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में करीब 2 एकड़ नगर परिषद की जमीन कब्जामुक्त कराई गई, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 80 लाख रुपये बताया गया है।


प्रशासन के अनुसार खसरा नंबर 81 की इस जमीन पर गोपालपुर निवासी छोटा यादव द्वारा मकान बनाकर कब्जा करने और कृषि कार्य किए जाने की शिकायत थी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले विधिवत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इसी जमीन पर पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुविधा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हेलीपैड प्रस्तावित है।


कार्रवाई सिर्फ हेलीपैड की जमीन तक सीमित नहीं रही। शासकीय भूमि के दूसरे हिस्से में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अमीन खान द्वारा कथित रूप से कब्जा कर डेयरी संचालित किए जाने की बात सामने आई। प्रशासन ने वहां मौजूद अतिक्रमित ढांचे और सामग्री को भी हटाया। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है।


भारी प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है—सरकारी जमीन पर कब्जा होने तक जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे थे? पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण भेड़ाघाट में यदि प्रस्तावित हेलीपैड की जमीन पर ही कब्जा हो जाए तो यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल है।


कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर हुई कार्रवाई में राजस्व और नगर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे। अब निगाह इस बात पर है कि कब्जामुक्त जमीन की दोबारा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है, ताकि बुलडोजर हटते ही कोई नया कब्जा न खड़ा हो जाए।

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