सुबह 4.30 बजे हमले का दावा; फोन छीने, सामान तोड़ा—पुलिस की कथित देरी पर भी उठे सवाल
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। गुरुवार तड़के करीब 4.30 बजे कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में कथित हमले और तोड़फोड़ को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हथियारों से लैस भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीने और कार्यालय में रखे फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया।
अभिषेक बनर्जी ने घटना को लेकर सीधे कोलकाता पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पार्टी के लोगों और वकीलों की ओर से बार-बार फोन और ईमेल किए जाने के बावजूद पुलिस करीब दो घंटे तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। उन्होंने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और यह पता लगाने की मांग की कि हमले की कथित साजिश किसने रची।
घटना ऐसे समय हुई है जब कैमक स्ट्रीट स्थित इसी कार्यालय को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। 27 अगस्त को कथित अनधिकृत होर्डिंग हटाने के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों के बीच टकराव हुआ था। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी और नेताओं से पूछताछ भी हो चुकी है।
ताजा घटना ने बंगाल की राजनीति में फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है—राजनीतिक लड़ाई अगर कार्यालयों और सड़कों पर हिंसा में बदलने लगे, तो लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के बीच बचता क्या है?
फिलहाल भाजपा पर लगाए गए आरोप अभिषेक बनर्जी के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच से पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि तड़के हुई इस घटना के पीछे वास्तव में कौन था और हमले का मकसद क्या था।

Post a Comment