जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी संगठनों लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद की संभावित बड़ी साजिश का इनपुट मिला है। एजेंसियों के अनुसार कठुआ-सांबा सेक्टर के रास्ते घुसपैठ कर आतंकी जम्मू क्षेत्र में फिदायीन हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। संभावित निशानों में सुरक्षा बलों के कैंप, भीड़भाड़ वाले इलाके और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के आसपास के क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि आतंकी सीमा पार से नदी वाले इलाकों में मौजूद संभावित गैप का इस्तेमाल कर घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। कठुआ से घुसने वाले आतंकियों के बसोहली, बिलावर और बनी के जंगलों की ओर बढ़ने की आशंका है, जबकि सांबा सेक्टर से घुसपैठ होने पर डुडू, बसंतगढ़, रामनगर और लट्टी की दिशा में जाने की संभावना जताई गई है।
खतरे को देखते हुए सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। डीजीपी नलिन प्रभात ने भी पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अगस्त में भी कठुआ के जंगलों और सांबा के सुंब इलाके में संदिग्ध गतिविधियों के बाद तलाशी अभियान चलाए गए थे।
यह इलाका पहले भी आतंकियों के निशाने पर रहा है। जुलाई 2024 में कठुआ में सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में पांच जवान बलिदान हुए थे। मौजूदा इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता फिर बढ़ा दी है।

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