इंदौर। शहर की सड़कों पर रॉन्ग साइड वाहन चलाकर खुद के साथ दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ अब ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। दिल्ली की तर्ज पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामलों में पहली बार सीधे एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अब तक रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों पर चालानी कार्रवाई तक सीमित रहने वाली व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से वाहन चालकों की आदत नहीं बदल रही है। यही वजह है कि बार-बार नियम तोड़ने और गंभीर खतरा पैदा करने वाले वाहन चालकों पर आपराधिक कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा रहा है।
शहर में रॉन्ग साइड ड्राइविंग हादसों की बड़ी वजह बनती रही है। कुछ मिनट बचाने या गलत दिशा से निकलने के चक्कर में वाहन चालक सामने से आने वाले वाहनों के लिए अचानक खतरा पैदा कर देते हैं। दोपहिया वाहनों के साथ-साथ कार और भारी वाहनों द्वारा भी नियम तोड़ने के मामले सामने आते हैं।
ट्रैफिक पुलिस अब ऐसे स्थानों की पहचान कर रही है जहां रॉन्ग साइड चलने की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। सीसीटीवी कैमरों और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की मदद से कार्रवाई को प्रभावी बनाने की तैयारी है।
सवाल यह है कि क्या एफआईआर का डर इंदौर की सड़कों पर रॉन्ग साइड की मनमानी रोक पाएगा? अगर कार्रवाई लगातार और बिना भेदभाव के हुई, तो यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

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