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वात-पित्त-कफ बैलेंस करेगा बाबा रामदेव का ये हुक्का वाला नुस्खा? जानें क्या है दावा

 

वात, पित्त और कफ को आयुर्वेद में शरीर के तीन प्रमुख दोष माना जाता है। इन्हें संतुलित रखने के लिए खान-पान और जीवनशैली से जुड़े कई उपाय बताए जाते हैं। इसी बीच बाबा रामदेव का एक ऐसा नुस्खा चर्चा में है, जिसमें तंबाकू के बजाय जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल की बात सामने आती है। इसे देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठ सकता है कि क्या धुएं के जरिए वास्तव में शरीर का बैलेंस सुधारा जा सकता है?



बताए गए तरीके में सामान्य हुक्के की तरह तंबाकू का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि कुछ जड़ी-बूटियों को जलाकर उनके धुएं को लेने की बात कही जाती है। हालांकि इसे वात-पित्त-कफ को संतुलित करने का प्रमाणित चिकित्सकीय तरीका मान लेना सही नहीं है।


हर्बल का मतलब पूरी तरह सुरक्षित नहीं


तंबाकू न होने का अर्थ यह नहीं कि धुआं फेफड़ों के लिए नुकसानरहित हो गया। किसी भी पौधे या जड़ी-बूटी को जलाने से धुएं में ऐसे कण और रसायन पैदा हो सकते हैं, जिन्हें सांस के साथ अंदर लेना श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर अस्थमा, एलर्जी या फेफड़ों से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को ऐसे प्रयोग से बचना चाहिए।


आयुर्वेदिक उपचार की बात हो तो जड़ी-बूटियों का चुनाव और सेवन व्यक्ति की प्रकृति तथा स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए। इसलिए किसी वीडियो या घरेलू नुस्खे को देखकर धूम्रपान जैसी प्रक्रिया शुरू करने के बजाय योग्य चिकित्सक की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।


यानी नुस्खा चर्चा में जरूर है, लेकिन इसे वात-पित्त-कफ संतुलन का पक्का इलाज समझना ठीक नहीं।

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