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सस्ती बिजली से बढ़ेगा उत्पादन? उद्योगों ने मांगी टैरिफ में राहत, पावर मैनेजमेंट कंपनी के सामने रखीं मांगें




भोपाल। मध्यप्रदेश में उद्योगों की बिजली लागत घटाने और उत्पादन को प्रतिस्पर्धी बनाने की मांग अब बिजली के आगामी टैरिफ प्रस्ताव से पहले सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) प्रस्ताव को दाखिल करने से पहले एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने बुधवार को औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक में उद्योग जगत ने बिजली की दरों और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं कंपनी के सामने रखीं।


उद्योग प्रतिनिधियों ने खास तौर पर ऊंचे एनर्जी और डिमांड चार्ज, न्यूनतम शुल्क समाप्त करने तथा एचटी श्रेणी में लोड फैक्टर आधारित ऊर्जा शुल्क व्यवस्था की मांग रखी। इसके साथ ही kVAH आधारित बिलिंग और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुधारने के सुझाव भी दिए गए।


बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूदा कंडक्टरों को कवर्ड कंडक्टरों से बदलने और बिजली व्यवधान तथा तकनीकी हानियां कम करने के लिए भूमिगत केबलिंग पर भी जोर दिया गया। आगामी औद्योगिक पार्कों के लिए बिजली नेटवर्क को पहले से मजबूत करने की जरूरत भी बताई गई।


एमपीपीएमसीएल के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने उद्योग प्रतिनिधियों के सुझाव सुने और अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में काम करने की बात कही। अब निगाह इस बात पर है कि 2027-28 के ARR प्रस्ताव में उद्योगों की इन मांगों का कितना असर दिखाई देता है।

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