इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर इंदौर एक बार फिर अपनी 103 साल पुरानी झांकी परंपरा का गवाह बनेगा। शुक्रवार, 25 सितंबर को शाम 6 बजे डीआरपी लाइन से झांकियों का कारवां शुरू होगा। सबसे आगे श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी रहेगी। इसके बाद विभिन्न मिलों और संस्थाओं की झांकियां शहर की सड़कों पर उतरेंगी। इस बार 22 से अधिक झांकियों में धार्मिक कथाओं के साथ सामाजिक संदेश और आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा।
मालवा मिल की झांकी में पहली बार समुद्री संसार का दृश्य नजर आएगा। ऑक्टोपस, मछलियां और केकड़े के साथ चंद्रमा-रोहिणी विवाह तथा शिव बारात जैसे प्रसंग भी शामिल हैं। राजकुमार मिल करीब 60 फीट लंबी झांकी में भगवान विष्णु और मधु-केटभ के युद्ध को प्रदर्शित करेगा।
कल्याण मिल की नारी शक्ति थीम में अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को अंतरिक्षयान के साथ दिखाया जाएगा। स्वदेशी मिल की झांकियों में दुर्गा द्वारा महिषासुर वध के साथ नशामुक्ति का संदेश होगा। हुकुमचंद मिल में सिंदूरासुर वध, बाली-सुग्रीव युद्ध और वट सावित्री जैसे प्रसंग दिखाई देंगे। होप टेक्सटाइल की झांकियों में गणेश आराधना और शिव बारात आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
प्रशासन ने इस बार चल समारोह में डीजे पर प्रतिबंध रखा है। झांकियों और अखाड़ों के मार्ग पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था भी की गई है।

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